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पदार्थ, परिवर्तन व रासायनिक अभिक्रियाएँ

पदार्थ की अवस्थाएँ · भौतिक/रासायनिक परिवर्तन · अभिक्रिया के प्रकार · रेडॉक्स · संक्षारण · अम्ल-क्षार-लवण व pH — संपूर्ण अध्याय
पदार्थ में परिवर्तन — बाएँ: पिघलती बर्फ (भौतिक परिवर्तन — केवल अवस्था बदली) · बीच: जलता मैग्नीशियम फीता (रासायनिक अभिक्रिया — नया पदार्थ MgO बनता है) · दाएँ: लोहे की ज़ंग लगी ज़ंजीर (संक्षारण — धीमी रासायनिक अभिक्रिया)
पदार्थ में परिवर्तन — बाएँ: पिघलती बर्फ (भौतिक परिवर्तन — केवल अवस्था बदली) · बीच: जलता मैग्नीशियम फीता (रासायनिक अभिक्रिया — नया पदार्थ MgO बनता है) · दाएँ: लोहे की ज़ंग लगी ज़ंजीर (संक्षारण — धीमी रासायनिक अभिक्रिया)
Kathy Jantz (CC BY 4.0) · Capt. John Yossarian · Biswarup Ganguly (CC BY-SA 3.0) · Wikimedia Commons

शुरू करने से पहले

हमारे चारों ओर जो कुछ भी स्थान घेरता है और जिसका द्रव्यमान होता है, वह 'पदार्थ' (Matter) है — जैसे पानी, हवा, लोहा, नमक। यह अध्याय पदार्थ की तीन अवस्थाओं (ठोस-द्रव-गैस) से शुरू होकर बताता है कि पदार्थ में परिवर्तन कैसे होते हैं — कुछ परिवर्तन केवल रूप बदलते हैं (भौतिक) और कुछ में बिल्कुल नया पदार्थ बनता है (रासायनिक)। फिर हम रासायनिक अभिक्रिया के चार प्रकार (संयोजन, वियोजन, विस्थापन, द्विविस्थापन), ऑक्सीकरण-अपचयन (रेडॉक्स), लोहे में जंग जैसी संक्षारण-क्रिया, घी-तेल के खराब होने की विकृतगंधिता, तथा अम्ल-क्षार-लवण व pH मान को सरल भाषा में समझेंगे। CET में 'दैनिक विज्ञान' से प्रायः इसी अध्याय से प्रश्न आते हैं — जैसे 'दूध का दही जमना कौन-सा परिवर्तन है', 'जंग का सूत्र', 'नींबू अम्ल कौन-सा', 'pH 7 किसका' आदि। इस पृष्ठ को क्रम से पढ़ें, हर पाठ के 'याद रखें' व अंत की तालिकाएँ याद कर लें — परीक्षा के सभी तथ्य यहीं मिल जाएँगे।

1. पदार्थ व उसकी अवस्थाएँ — आधार समझें

पदार्थ (Matter) वह है जो स्थान (आयतन) घेरता है और जिसका द्रव्यमान होता है। पदार्थ बहुत छोटे कणों (अणु/परमाणु) से बना है, जिनके बीच रिक्त स्थान व आकर्षण-बल होता है। इन कणों की व्यवस्था के आधार पर पदार्थ की मुख्य तीन अवस्थाएँ होती हैं:

तापमान बढ़ाने पर कण तेज़ कंपन करते हैं और पदार्थ ठोस से द्रव, फिर गैस की ओर बदलता है। प्लाज्मा (तारों/सूर्य की अवस्था) व बोस-आइंस्टीन कंडनसेट (BEC) को पदार्थ की चौथी व पाँचवीं अवस्था माना जाता है, पर CET के लिए मुख्यतः तीन अवस्थाएँ ही पर्याप्त हैं।

बर्फ का पिघलना — अवस्था परिवर्तन (भौतिक)
बर्फ का पिघलना — अवस्था परिवर्तन (भौतिक)
Ulflund · CC0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • पदार्थ = स्थान घेरने व द्रव्यमान वाली वस्तु; कणों से बना।
  • तीन मुख्य अवस्थाएँ — ठोस (निश्चित आकार+आयतन), द्रव (निश्चित आयतन), गैस (दोनों अनिश्चित)।
  • कणों में आकर्षण-बल — ठोस > द्रव > गैस।
  • ऊर्ध्वपातन = ठोस सीधे गैस (कपूर, नौसादर, शुष्क बर्फ/ड्राई आइस)।

2. भौतिक परिवर्तन बनाम रासायनिक परिवर्तन

प्रकृति में पदार्थ निरंतर बदलते रहते हैं। इन परिवर्तनों को दो भागों में बाँटा जाता है — भौतिक (Physical) और रासायनिक (Chemical)। दोनों का अंतर पहचानना CET का सर्वाधिक पूछा जाने वाला बिंदु है।

एक सरल नियम — यदि परिवर्तन के बाद बना पदार्थ आसानी से पुनः मूल रूप में आ सकता है तो भौतिक, और यदि बिल्कुल नया पदार्थ बन गया जो लौटाया नहीं जा सकता तो रासायनिक। भोजन का पाचन, श्वसन, किण्वन (फर्मेंटेशन), फलों का पकना — ये सब रासायनिक परिवर्तन हैं।

याद रखें
  • भौतिक = नया पदार्थ नहीं, अस्थायी, उत्क्रमणीय (बर्फ पिघलना, चीनी घुलना)।
  • रासायनिक = नया पदार्थ बनता है, स्थायी, अनुत्क्रमणीय (कागज़ जलना, दही जमना, जंग)।
  • दही जमना · दूध फटना · भोजन पचना · जंग लगना = रासायनिक परिवर्तन।
  • मोम पिघलना = भौतिक; मोम जलना = रासायनिक।

2.1 मिश्रण के घटक अलग करने की विधियाँ (भौतिक प्रक्रम)

मिश्रण के घटक भौतिक विधियों से अलग होते हैं — कोई नया पदार्थ नहीं बनता। परीक्षा 'कौन-सा मिश्रण किस विधि से' पूछती है:

याद रखें
  • ऐल्कोहॉल + जल → प्रभाजी आसवन · दूध से क्रीम → अपकेन्द्रण · चारकोल से रंग हटाना → अधिशोषण · कपूर → ऊर्ध्वपातन · तेल + जल → पृथक्कारी कीप।

3. रासायनिक अभिक्रिया व उसके चार प्रकार

जब दो या अधिक पदार्थ (अभिकारक/Reactants) आपस में क्रिया करके नए पदार्थ (उत्पाद/Products) बनाते हैं, तो इसे रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं। इसे रासायनिक समीकरण से लिखा जाता है। अभिक्रियाओं के मुख्य चार प्रकार हैं:

अभिक्रिया के साथ ऊष्मा निकले तो 'ऊष्माक्षेपी' (Exothermic — जैसे ईंधन जलना, बुझा चूना बनना) और ऊष्मा सोखी जाए तो 'ऊष्माशोषी' (Endothermic — जैसे प्रकाश-संश्लेषण, चूना पत्थर का अपघटन)। साथ ही दो आयन मिलकर ठोस अघुलनशील पदार्थ बनाएँ तो उसे 'अवक्षेप' (Precipitate) कहते हैं।

याद रखें
  • चार प्रकार — संयोजन, वियोजन (अपघटन), विस्थापन, द्विविस्थापन।
  • संयोजन = जुड़ना (A+B→AB); वियोजन = टूटना (AB→A+B)।
  • विस्थापन = एक तत्व हटाए (Fe+CuSO₄); द्विविस्थापन = आयन बदलें, अवक्षेप बने।
  • ऊष्माक्षेपी = ऊष्मा निकले (दहन); ऊष्माशोषी = ऊष्मा सोखे (प्रकाश-संश्लेषण)।

4. ऑक्सीकरण-अपचयन (रेडॉक्स अभिक्रिया)

रेडॉक्स (Redox = Reduction + Oxidation) वह अभिक्रिया है जिसमें ऑक्सीकरण और अपचयन एक साथ होते हैं। सरल भाषा में — ऑक्सीजन/इलेक्ट्रॉन के लेन-देन की क्रिया।

दैनिक जीवन में रेडॉक्स — श्वसन (भोजन का ऑक्सीकरण), दहन (ईंधन जलना), लोहे में जंग, बैटरी/सेल का कार्य, तथा कटे सेब/आलू का भूरा पड़ना सभी रेडॉक्स (ऑक्सीकरण) के उदाहरण हैं।

याद रखें
  • रेडॉक्स = ऑक्सीकरण + अपचयन एक साथ।
  • ऑक्सीकरण = O जुड़े / H हटे / इलेक्ट्रॉन खोना; अपचयन = इसका उल्टा।
  • OIL RIG — Oxidation Is Loss, Reduction Is Gain (इलेक्ट्रॉन के लिए)।
  • श्वसन, दहन, जंग, बैटरी = दैनिक रेडॉक्स उदाहरण।

5. संक्षारण (जंग) व विकृतगंधिता

रेडॉक्स के दो बहुत महत्वपूर्ण दैनिक उदाहरण हैं — धातुओं का संक्षारण (जंग) और वसा/तेल की विकृतगंधिता। दोनों पर CET में सीधे प्रश्न आते हैं।

ध्यान दें — चाँदी पर काली परत (सिल्वर सल्फाइड) व ताँबे पर हरी परत (बेसिक कॉपर कार्बोनेट) भी संक्षारण के ही उदाहरण हैं। जंग व विकृतगंधिता दोनों मूलतः 'ऑक्सीकरण' की क्रियाएँ हैं, इसलिए दोनों को ऑक्सीजन से बचाकर रोका जाता है।

लोहे में जंग — संक्षारण (हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड)
लोहे में जंग — संक्षारण (हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड)
Paulnasca · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • जंग = हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड (Fe₂O₃·xH₂O); भूरा-लाल रंग।
  • जंग के लिए जल + ऑक्सीजन दोनों आवश्यक।
  • बचाव — पेंट, तेल, गैल्वनीकरण (ज़िंक परत), स्टेनलेस स्टील।
  • विकृतगंधिता = तेल/घी का ऑक्सीकरण; रोके — एंटीऑक्सीडेंट, नाइट्रोजन पैकिंग।

6. अम्ल, क्षार व लवण — पहचान व गुण

स्वाद, स्पर्श व सूचकों (Indicators) के व्यवहार के आधार पर पदार्थों को अम्ल, क्षार व लवण में बाँटा जाता है। यह दैनिक विज्ञान का अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है।

सूचक (Indicator) वे पदार्थ हैं जो अम्ल/क्षार में रंग बदलकर पहचान कराते हैं — लिटमस, हल्दी (क्षार में लाल-भूरी), फिनॉल्फथेलिन (क्षार में गुलाबी, अम्ल में रंगहीन), मिथाइल ऑरेंज। 'खट्टा = अम्ल, कड़वा-चिकना = क्षार' यह आधार-नियम सदा याद रखें।

याद रखें
  • अम्ल — खट्टे, H⁺ देते, नीला लिटमस → लाल (HCl, H₂SO₄, नींबू)।
  • क्षार — कड़वे-चिकने, OH⁻ देते, लाल लिटमस → नीला (NaOH, चूना)।
  • अम्ल + क्षार → लवण + जल (उदासीनीकरण, ऊष्माक्षेपी)।
  • धोने का सोडा Na₂CO₃·10H₂O; खाने का सोडा NaHCO₃; PoP = CaSO₄·½H₂O।

7. pH मान — अम्लीयता-क्षारीयता का पैमाना

किसी विलयन में अम्ल या क्षार की प्रबलता मापने का पैमाना 'pH मान' (Power of Hydrogen) कहलाता है। इसे डेनमार्क के वैज्ञानिक 'सोरेन सोरेनसेन' (1909) ने प्रस्तुत किया। यह 0 से 14 तक होता है:

pH को सार्वत्रिक सूचक (Universal Indicator) या pH पेपर से नापते हैं, जो विभिन्न मानों पर अलग-अलग रंग देता है। याद रखें — pH स्केल पर 1 अंक का अंतर अम्लीयता में 10 गुना अंतर दर्शाता है। 'अम्ल वर्षा' (Acid Rain) का pH 5.6 से कम होता है, जो SO₂ व NO₂ गैसों से बनती है।

याद रखें
  • pH स्केल 0-14; शुद्ध जल = 7 (उदासीन); रक्त ~7.4।
  • pH < 7 अम्लीय (नींबू ~2), pH > 7 क्षारीय (NaOH ~14)।
  • pH खोज — सोरेन सोरेनसेन (1909)।
  • दंत-क्षय pH 5.5 से नीचे; अम्ल वर्षा pH 5.6 से कम।

8. दैनिक जीवन में रसायन — महत्वपूर्ण उदाहरण

इस अध्याय की असली परीक्षा 'दैनिक जीवन के उदाहरण' से होती है — कौन-सा रसायन कहाँ काम आता है, घर के पदार्थों के रासायनिक नाम क्या हैं। ये तथ्य सीधे पूछे जाते हैं:

एक सूत्र-वाक्य — 'घर के सोडे दो हैं': खाने का सोडा (NaHCO₃, एक 'H' व बाइकार्बोनेट) और धोने का सोडा (Na₂CO₃, क्रिस्टल युक्त, 10 जल अणु)। इन्हें भ्रमित न करें — CET में इनके सूत्र व उपयोग बार-बार पूछे जाते हैं।

याद रखें
  • खाने का सोडा NaHCO₃; धोने का सोडा Na₂CO₃·10H₂O।
  • इमली=टार्टरिक, सेब=मैलिक, चींटी=फॉर्मिक, दही=लैक्टिक, टमाटर=ऑक्ज़ैलिक अम्ल।
  • प्रकाश-संश्लेषण = ऊष्माशोषी; किण्वन/दहन = रासायनिक परिवर्तन।
  • अम्ल वर्षा = 'मार्बल कैंसर' (ताजमहल को क्षति)।

पदार्थ व रासायनिक अभिक्रियाएँ — झलकियाँ

परीक्षा-उपयोगी तालिकाएँ

पदार्थ की तीन अवस्थाएँ

अवस्थाआकार / आयतन
ठोसनिश्चित आकार + निश्चित आयतन (कण जमे)
द्रवअनिश्चित आकार + निश्चित आयतन
गैसअनिश्चित आकार + अनिश्चित आयतन (संपीड्य)
आकर्षण-बलठोस > द्रव > गैस

भौतिक बनाम रासायनिक परिवर्तन

भौतिक परिवर्तनरासायनिक परिवर्तन
नया पदार्थ नहीं बनतानया पदार्थ बनता है
अस्थायी / उत्क्रमणीयस्थायी / अनुत्क्रमणीय
बर्फ पिघलना, चीनी घुलनाकागज़ जलना, दही जमना
मोम पिघलना, काँच टूटनाजंग लगना, भोजन पकना

रासायनिक अभिक्रिया के प्रकार

प्रकाररूप व उदाहरण
संयोजनA+B→AB (CaO + H₂O → बुझा चूना)
वियोजन/अपघटनAB→A+B (CaCO₃ → CaO + CO₂)
विस्थापनA+BC→AC+B (Fe + CuSO₄ → FeSO₄ + Cu)
द्विविस्थापनAB+CD→AD+CB (अवक्षेप बने)

अम्ल बनाम क्षार — पहचान

गुणअम्ल / क्षार
स्वादअम्ल = खट्टा; क्षार = कड़वा
आयनअम्ल = H⁺; क्षार = OH⁻
लिटमसअम्ल: नीला→लाल; क्षार: लाल→नीला
pH मानअम्ल < 7; क्षार > 7

प्राकृतिक स्रोत → अम्ल

स्रोतअम्ल
नींबू / संतरासाइट्रिक अम्ल
सिरकाएसीटिक अम्ल
इमली / अंगूरटार्टरिक अम्ल
सेबमैलिक अम्ल
दही / खट्टा दूधलैक्टिक अम्ल
चींटी / मधुमक्खी डंकफॉर्मिक अम्ल
टमाटरऑक्ज़ैलिक अम्ल

घरेलू पदार्थ → रासायनिक सूत्र/नाम

पदार्थरासायनिक सूत्र / नाम
खाने का सोडाNaHCO₃ (सोडियम बाइकार्बोनेट)
धोने का सोडाNa₂CO₃·10H₂O
सामान्य नमकNaCl (सोडियम क्लोराइड)
बुझा चूनाCa(OH)₂
प्लास्टर ऑफ पेरिसCaSO₄·½H₂O
जंगFe₂O₃·xH₂O (हाइड्रेटेड फेरिक ऑक्साइड)

pH मान — दैनिक उदाहरण

पदार्थलगभग pH व प्रकृति
जठर-रस (HCl)~1.5–2 (प्रबल अम्लीय)
नींबू / सिरका~2–3 (अम्लीय)
शुद्ध जल7 (उदासीन)
रक्त~7.4 (हल्का क्षारीय)
खाने का सोडा~9 (क्षारीय)
NaOH (कास्टिक सोडा)~14 (प्रबल क्षारीय)

शब्दावली — अंग्रेज़ी पद का अर्थ

पदार्थ (Matter)
स्थान घेरने व द्रव्यमान वाली प्रत्येक वस्तु; कणों (अणु/परमाणु) से बना।
ऊर्ध्वपातन (Sublimation)
ठोस का बिना द्रव बने सीधे गैस में बदलना (कपूर, नौसादर, शुष्क बर्फ)।
भौतिक परिवर्तन
जिसमें नया पदार्थ न बने, केवल रूप/अवस्था बदले; प्रायः उत्क्रमणीय।
रासायनिक परिवर्तन
जिसमें नया पदार्थ बने व गुण बदल जाएँ; प्रायः अनुत्क्रमणीय।
अभिकारक / उत्पाद
अभिक्रिया से पहले के पदार्थ = अभिकारक; बाद में बने = उत्पाद।
अवक्षेप (Precipitate)
अभिक्रिया में बना अघुलनशील ठोस तलछट (द्विविस्थापन में)।
ऊष्माक्षेपी / ऊष्माशोषी
ऊष्मा निकालने वाली / ऊष्मा सोखने वाली अभिक्रिया।
रेडॉक्स (Redox)
जिसमें ऑक्सीकरण व अपचयन एक साथ हों।
संक्षारण (Corrosion)
नमी-ऑक्सीजन से धातु का धीरे-धीरे क्षय; लोहे का जंग इसका उदाहरण।
विकृतगंधिता (Rancidity)
तेल/वसा का ऑक्सीकरण से बासी होकर स्वाद-गंध बिगड़ना।
उदासीनीकरण
अम्ल + क्षार → लवण + जल की अभिक्रिया।
pH मान
विलयन की अम्लीयता/क्षारीयता मापने का 0–14 पैमाना (7 = उदासीन)।
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