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राजस्थान की कृषि

खरीफ-रबी फसलें · नकदी फसलें · मसाले · फसल↔अग्रणी जिला · हरित-श्वेत-पीली क्रांति · सिंचाई के साधन — संपूर्ण अध्याय
सरसों का लहलहाता खेत — पीली क्रांति से जुड़ी प्रमुख तिलहन फसल
सरसों का लहलहाता खेत — पीली क्रांति से जुड़ी प्रमुख तिलहन फसल
Trees ForTheFuture · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons

शुरू करने से पहले

राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि है — राज्य की लगभग दो-तिहाई आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से खेती पर निर्भर है, यद्यपि क्षेत्रफल में सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद यहाँ की खेती मुख्यतः वर्षा पर आश्रित (असिंचित) है। फसलों को बोने के मौसम के आधार पर तीन वर्गों में बाँटा जाता है — खरीफ (वर्षा ऋतु, जून-जुलाई में बोई), रबी (शीत ऋतु, अक्टूबर-नवम्बर में बोई) और जायद (ग्रीष्म)। इस अध्याय में हम प्रमुख खरीफ फसलें (बाजरा, ज्वार, मक्का, मूँगफली), रबी फसलें (गेहूँ, जौ, सरसों, चना), नकदी फसलें (कपास, गन्ना, तंबाकू), मसाले (जीरा, धनिया, मेथी — जिनमें राजस्थान देश में सर्वाधिक उत्पादक है), प्रत्येक फसल के अग्रणी जिले, हरित-श्वेत-पीली आदि कृषि-क्रांतियाँ, जैतून व खजूर जैसी नई फसलें तथा सिंचाई के साधन पढ़ेंगे। CET में यहाँ से 'अमुक फसल का अग्रणी/सर्वाधिक उत्पादक जिला', 'राजस्थान देश में किस फसल में प्रथम', खरीफ-रबी का वर्गीकरण और क्रांति↔फसल के मिलान-प्रश्न नियमित आते हैं। नीचे हर भाग को शून्य से समझें, फिर मानचित्र व तालिकाओं से दोहराएँ।

1. कृषि का आधार — फसल-ऋतुएँ व राजस्थान की स्थिति

खेती को समझने की पहली सीढ़ी है — फसल किस मौसम में बोई और काटी जाती है। भारत व राजस्थान में फसलों को तीन ऋतुओं में बाँटा जाता है:

राजस्थान क्षेत्रफल में देश का सबसे बड़ा राज्य है, पर यहाँ की लगभग 70% कृषि वर्षा पर निर्भर (बारानी/असिंचित) है। राज्य का प्रमुख खाद्यान्न बाजरा है और बाजरा-उत्पादन में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य में सर्वाधिक बोया जाने वाला अनाज भी बाजरा ही है।

याद रखें
  • तीन फसल-ऋतुएँ — खरीफ (वर्षा), रबी (शीत), जायद (ग्रीष्म)।
  • खरीफ = बाजरा, ज्वार, मक्का, मूँगफली, कपास, गन्ना; रबी = गेहूँ, जौ, चना, सरसों।
  • राजस्थान की ~70% खेती वर्षा पर निर्भर; प्रमुख खाद्यान्न = बाजरा।
  • बाजरा उत्पादन में राजस्थान देश में प्रथम।

2. प्रमुख खरीफ फसलें — बाजरा, ज्वार, मक्का, मूँगफली

राजस्थान की वर्षा-आधारित अर्थव्यवस्था में खरीफ फसलों का सर्वाधिक महत्व है। ये अधिकांशतः कम पानी में पकने वाली 'मोटे अनाज' (मिलेट्स) हैं:

ध्यान रखें — बाजरा कम वर्षा वाले पश्चिमी मरुस्थल (बाड़मेर-जैसलमेर) का अनाज है, जबकि मक्का अधिक वर्षा वाले दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र (उदयपुर-बाँसवाड़ा) का। यही भौगोलिक अंतर प्रश्नों का आधार बनता है।

बाजरा का खेत — राजस्थान का प्रमुख खाद्यान्न (उत्पादन में देश में प्रथम)
बाजरा का खेत — राजस्थान का प्रमुख खाद्यान्न (उत्पादन में देश में प्रथम)
Herovaclicks · CC BY 4.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • बाजरा — उत्पादन व क्षेत्रफल में देश में प्रथम; अग्रणी बाड़मेर-जैसलमेर-जोधपुर-नागौर।
  • ज्वार — अजमेर, पाली, टोंक; चारे की भी फसल।
  • मक्का — दक्षिणी राज. (चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बाँसवाड़ा, डूंगरपुर)।
  • मूँगफली — बीकानेर सर्वाधिक; जयपुर, सीकर, चूरू।

3. प्रमुख रबी फसलें — गेहूँ, जौ, सरसों, चना

रबी (शीत ऋतु) की फसलें सिंचाई पर अधिक निर्भर होती हैं और राजस्थान के उत्तरी-पूर्वी सिंचित क्षेत्रों (गंगानगर-हनुमानगढ़-कोटा) में प्रमुखता से होती हैं:

गंगानगर-हनुमानगढ़ का क्षेत्र इंदिरा गांधी नहर के कारण 'राजस्थान का अन्न-भण्डार (अन्नागार)' कहलाता है — गेहूँ, चना, सरसों, कपास सभी यहाँ खूब होते हैं। तिलहन में सरसों और दलहन में चना राजस्थान की प्रमुख फसलें हैं।

याद रखें
  • गेहूँ — गंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा (सिंचित/नहरी क्षेत्र)।
  • सरसों — भरतपुर सर्वाधिक; राज्य की प्रमुख तिलहन फसल।
  • चना — प्रमुख दलहन; गंगानगर-हनुमानगढ़-चूरू-बीकानेर।
  • गंगानगर-हनुमानगढ़ = 'राजस्थान का अन्न-भण्डार'।

4. नकदी फसलें — कपास, गन्ना, तंबाकू

नकदी फसलें (Cash Crops) वे हैं जो किसान बेचकर सीधे आय अर्जित करता है और जो उद्योगों को कच्चा माल देती हैं। राजस्थान की प्रमुख नकदी फसलें:

कपास को 'सफेद सोना' तथा सरसों/तिलहन को कभी-कभी सामान्य भाषा में नकदी-तिलहन कहा जाता है। नकदी फसलें सिंचाई व उद्योग पर निर्भर होती हैं, इसलिए ये मुख्यतः नहरी/सिंचित क्षेत्रों (गंगानगर-हनुमानगढ़, हाड़ौती) में केंद्रित हैं।

याद रखें
  • कपास = 'सफेद सोना'; अग्रणी गंगानगर-हनुमानगढ़ (नहरी क्षेत्र)।
  • गन्ना — गंगानगर, बूँदी, उदयपुर, चित्तौड़गढ़; बूँदी (केशोरायपाटन) शुगर मिल।
  • तंबाकू — अलवर, झालावाड़, बूँदी।
  • नकदी फसलें सिंचाई/उद्योग पर निर्भर।

5. मसाला फसलें — जीरा, धनिया, मेथी (देश में सर्वाधिक)

मसाला उत्पादन में राजस्थान का देश में विशिष्ट स्थान है — कई प्रमुख मसालों के उत्पादन में राजस्थान देश में प्रथम है। इसीलिए मसाले CET के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय हैं:

याद रखें — जीरा, धनिया, मेथी, ईसबगोल — इन प्रमुख मसालों के उत्पादन में राजस्थान देश में प्रथम है। 'सोजत (पाली) = मेहंदी', 'मथानिया (जोधपुर) = लाल मिर्च', 'रामगंजमंडी (कोटा) = धनिया' जैसे स्थान-विशेष तथ्य परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं।

याद रखें
  • जीरा-धनिया-मेथी-ईसबगोल — चारों में राजस्थान देश में प्रथम।
  • जीरा — जालौर ('जीरा नगरी'); धनिया — झालावाड़ (सर्वाधिक)/रामगंजमंडी मंडी (कोटा)।
  • मेथी — नागौर सर्वाधिक; ईसबगोल — जालौर-बाड़मेर।
  • मेहंदी — सोजत (पाली); लाल मिर्च — मथानिया (जोधपुर)।

6. फसल ↔ अग्रणी जिला (एक नज़र में)

CET में सर्वाधिक प्रश्न 'अमुक फसल का अग्रणी/सर्वाधिक उत्पादक जिला कौन-सा है' पर आते हैं। नीचे प्रमुख फसलों के अग्रणी जिले संक्षेप में दिए हैं — इन्हें मानचित्र के साथ जोड़कर याद करें:

क्षेत्रीय आधार पर याद रखना सबसे आसान तरीका है — पश्चिम (मरुस्थल) = बाजरा-मूँगफली-जीरा; उत्तर (नहरी) = गेहूँ-कपास-चना; पूर्व = सरसों; दक्षिण = मक्का; हाड़ौती = धनिया-सोयाबीन।

इंदिरा गांधी नहर ('मरुगंगा') — नहरी क्षेत्र की कृषि का आधार
इंदिरा गांधी नहर ('मरुगंगा') — नहरी क्षेत्र की कृषि का आधार
Shemaroo at English Wikipedia (Sivendersingh, email:-Sivendersingh@gmail.Com) · CC BY-SA 3.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • बाजरा-बाड़मेर/जैसलमेर; मूँगफली-बीकानेर; जीरा-जालौर; मेथी-नागौर।
  • गेहूँ/चना/कपास/गन्ना — गंगानगर-हनुमानगढ़ (नहरी)।
  • सरसों-भरतपुर; मक्का-चित्तौड़गढ़/उदयपुर/बाँसवाड़ा; धनिया-कोटा।
  • सोयाबीन — हाड़ौती (कोटा-बारां-झालावाड़)।

7. कृषि क्रांतियाँ — हरित, श्वेत, पीली व अन्य

किसी विशेष फसल/उत्पाद के उत्पादन में तीव्र वृद्धि को रंगों के नाम से 'क्रांति' कहा जाता है। CET में क्रांति↔उत्पाद का मिलान नियमित आता है:

राजस्थान के संदर्भ में सबसे महत्वपूर्ण — हरित क्रांति (नहरी गेहूँ), श्वेत क्रांति (सरस-दुग्ध) और पीली क्रांति (सरसों-तिलहन)। इन तीनों का राज्य से सीधा संबंध है।

याद रखें
  • हरित क्रांति — खाद्यान्न/गेहूँ; जनक स्वामीनाथन।
  • श्वेत क्रांति — दूध; जनक वर्गीज कुरियन ('सरस'/RCDF)।
  • पीली क्रांति — तिलहन/सरसों।
  • नीली-मछली, भूरी-मसाले, धूसर-उर्वरक, गुलाबी-झींगा/प्याज।

8. नई/उद्यानिकी फसलें — जैतून व खजूर

परंपरागत फसलों के साथ राजस्थान सरकार ने मरुस्थलीय जलवायु के अनुकूल नई उद्यानिकी (बागवानी) फसलों को बढ़ावा दिया है — इनमें जैतून और खजूर प्रमुख हैं:

याद रखें — जैतून रिफाइनरी (देश की पहली) लूणकरणसर (बीकानेर) में है, और खजूर अनुसंधान केंद्र सगरा-भोजका (जैसलमेर) में। ये नई फसलें मरुस्थल को आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने की पहल हैं।

याद रखें
  • जैतून — व्यावसायिक खेती शुरू करने वाला पहला राज्य राजस्थान; फार्म बस्सी (जयपुर)।
  • जैतून रिफाइनरी (देश की पहली) — लूणकरणसर (बीकानेर)।
  • खजूर — जैसलमेर/बाड़मेर/बीकानेर; अनुसंधान केंद्र सगरा-भोजका (जैसलमेर)।
  • अनार — बाड़मेर/जोधपुर ('सिंदूरी')।

9. सिंचाई के साधन — कुआँ-नलकूप, नहर, तालाब

राजस्थान शुष्क राज्य है, इसलिए सिंचाई के साधन अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राज्य में सिंचाई के प्रमुख स्रोत व उनका योगदान:

इंदिरा गांधी नहर परियोजना राज्य की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना है — इसने थार के मरुस्थल (गंगानगर-बीकानेर-जैसलमेर) को हराभरा बनाया, इसीलिए इसे 'मरुगंगा' कहते हैं। इसका पुराना नाम 'राजस्थान नहर' था। याद रखें — कुआँ/नलकूप = सर्वाधिक क्षेत्र, नहर = दूसरा बड़ा साधन।

याद रखें
  • सिंचाई का सबसे बड़ा साधन = कुआँ व नलकूप (~दो-तिहाई)।
  • नहर = दूसरा बड़ा साधन; इंदिरा गांधी नहर = सबसे लंबी, 'मरुगंगा'।
  • गंग नहर = राज्य की सबसे पुरानी नहर (गंगानगर)।
  • तालाब = दक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र; ड्रिप/स्प्रिंकलर को बढ़ावा।

राजस्थान — प्रमुख फसल ↔ अग्रणी जिला

खरीफ अनाज (बाजरा/मक्का)रबी (गेहूँ/सरसों/चना)नकदी (कपास/गन्ना/तंबाकू)मसाले (जीरा/धनिया/मेथी)सिंचाई/नई फसल
बाजरा — बाड़मेरमक्का — चित्तौड़गढ़मूँगफली — बीकानेरगेहूँ/चना — गंगानगरसरसों — भरतपुरकपास — हनुमानगढ़गन्ना — बूँदीतंबाकू — अलवरजीरा/ईसबगोल — जालौरधनिया — कोटा (रामगंजमंडी मंडी)मेथी — नागौरमेहंदी — सोजत (पाली)लाल मिर्च — मथानिया (जोधपुर)जैतून रिफाइनरी — लूणकरणसरखजूर — जैसलमेर
किसी रंगीन बिंदु पर टैप करें — विवरण यहाँ दिखेगा।

राजस्थान की कृषि — झलकियाँ

परीक्षा-उपयोगी तालिकाएँ

फसल → ऋतु (खरीफ/रबी)

फसलऋतु
बाजरा, ज्वार, मक्का, मूँगफलीखरीफ (वर्षा)
कपास, गन्ना, मूँग, तिलखरीफ (वर्षा)
गेहूँ, जौ, चनारबी (शीत)
सरसों, जीरा, धनिया, मेथीरबी (शीत)
खरबूजा, तरबूज, ककड़ीजायद (ग्रीष्म)

फसल → अग्रणी/सर्वाधिक उत्पादक जिला

फसलअग्रणी जिला (क्षेत्र)
बाजराबाड़मेर/जैसलमेर/जोधपुर/नागौर
मक्काचित्तौड़गढ़/उदयपुर/बाँसवाड़ा
मूँगफलीबीकानेर (जयपुर, सीकर)
गेहूँ / चनागंगानगर-हनुमानगढ़ (नहरी)
सरसोंभरतपुर (अलवर, गंगानगर)
कपासगंगानगर-हनुमानगढ़-बीकानेर
गन्नागंगानगर, बूँदी, उदयपुर
तंबाकूअलवर, झालावाड़, बूँदी

मसाला → अग्रणी जिला / स्थान (देश में प्रथम)

मसालाअग्रणी जिला/स्थान
जीरा (देश में प्रथम)जालौर ('जीरा नगरी'), बाड़मेर
धनिया (देश में प्रथम)झालावाड़ (सर्वाधिक), कोटा/रामगंजमंडी मंडी, बारां
मेथी (देश में प्रथम)नागौर, सीकर, जयपुर
ईसबगोल (देश में प्रथम)जालौर, बाड़मेर, सिरोही
मेहंदीसोजत (पाली) — 'मेहंदी नगरी'
लाल मिर्चमथानिया (जोधपुर)

कृषि क्रांति → उत्पाद/क्षेत्र

क्रांति (रंग)संबंधित उत्पाद
हरित क्रांतिखाद्यान्न/गेहूँ (जनक स्वामीनाथन)
श्वेत क्रांतिदूध (जनक कुरियन · 'सरस')
पीली क्रांतितिलहन/सरसों
नीली क्रांतिमछली पालन
भूरी क्रांतिमसाले (कॉफ़ी / non-conventional)
धूसर (ग्रे) क्रांतिउर्वरक
गुलाबी क्रांतिझींगा/प्याज

सिंचाई के साधन → विशेष तथ्य

साधनतथ्य
कुआँ व नलकूपसबसे बड़ा साधन (~दो-तिहाई क्षेत्र)
इंदिरा गांधी नहरसबसे लंबी; 'मरुगंगा' (जनक कँवर सेन)
गंग नहरराज्य की सबसे पुरानी नहर (गंगानगर)
तालाब/बंधेदक्षिणी पहाड़ी क्षेत्र (उदयपुर-बाँसवाड़ा)

शब्दावली — अंग्रेज़ी पद का अर्थ

खरीफ फसल
वर्षा ऋतु (जून-जुलाई) में बोई व सितम्बर-अक्टूबर में काटी जाने वाली फसल — बाजरा, मक्का, कपास।
रबी फसल
शीत ऋतु (अक्टूबर-नवम्बर) में बोई व मार्च-अप्रैल में काटी जाने वाली फसल — गेहूँ, चना, सरसों।
जायद फसल
ग्रीष्म ऋतु (मार्च-जून) की अल्पकालीन फसल — खरबूजा, तरबूज, ककड़ी।
नकदी फसल (Cash Crop)
बेचकर सीधे आय देने वाली व उद्योग को कच्चा माल देने वाली फसल — कपास, गन्ना, तंबाकू।
तिलहन
जिनसे तेल निकाला जाता है — सरसों, मूँगफली, तिल, सोयाबीन।
दलहन
दाल देने वाली फसलें — चना, मूँग, मोठ, उड़द।
मिलेट (मोटा अनाज)
कम पानी में पकने वाले पोषक अनाज — बाजरा, ज्वार, मक्का।
हरित क्रांति
खाद्यान्न (विशेषतः गेहूँ) उत्पादन में तीव्र वृद्धि; भारत में जनक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन।
श्वेत क्रांति
दुग्ध उत्पादन में वृद्धि (ऑपरेशन फ्लड); जनक डॉ. वर्गीज कुरियन।
पीली क्रांति
तिलहन (सरसों आदि) उत्पादन में वृद्धि से जुड़ी क्रांति।
बारानी कृषि
केवल वर्षा पर निर्भर असिंचित खेती (राजस्थान की अधिकांश कृषि)।
मरुगंगा
इंदिरा गांधी नहर का उपनाम — थार मरुस्थल को सींचने के कारण।
सफेद सोना
कपास का प्रचलित नाम (इसके सफेद रेशे व आर्थिक महत्व के कारण)।
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