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राजस्थान के भौतिक स्वरूप

चार भौतिक प्रदेश · पश्चिमी रेतीला मैदान(थार) · अरावली पर्वतीय · पूर्वी मैदान · दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार — संपूर्ण अध्याय
राजस्थान के चार भौतिक प्रदेश, पश्चिम से पूर्व — थार के बालुका स्तूप (जैसलमेर) · अरावली पर्वतमाला (दक्षिणी राजस्थान) · पूर्वी मैदान की बनास नदी · हाड़ौती पठार में चंबल की घाटी (कोटा)
राजस्थान के चार भौतिक प्रदेश, पश्चिम से पूर्व — थार के बालुका स्तूप (जैसलमेर) · अरावली पर्वतमाला (दक्षिणी राजस्थान) · पूर्वी मैदान की बनास नदी · हाड़ौती पठार में चंबल की घाटी (कोटा)
sushmita balasubramani (CC BY 2.0) · TeshTesh · Laxmilalkumawat · Kxnyshk (CC BY-SA 4.0) · Wikimedia Commons

शुरू करने से पहले

धरातल की बनावट (Physical Features) के आधार पर राजस्थान को चार प्रमुख भौतिक प्रदेशों में बाँटा जाता है — (1) पश्चिमी रेतीला मैदान (थार मरुस्थल), (2) अरावली पर्वतीय प्रदेश, (3) पूर्वी मैदान (बनास-चंबल-माही बेसिन) और (4) दक्षिण-पूर्वी पठार (हाड़ौती का पठार)। इन चारों को अरावली पर्वतमाला एक 'जल-विभाजक रेखा' की तरह बाँटती है — अरावली के पश्चिम-उत्तर में रेतीला मरुस्थल और पूर्व-दक्षिण में उपजाऊ मैदान व पठार। क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा भाग थार मरुस्थल (~61%) है, जबकि सबसे छोटा भाग हाड़ौती का पठार है। CET में यहाँ से प्रदेश↔विशेषता↔जिले का मिलान, 'सबसे ऊँची चोटी', 'सबसे बड़ा/छोटा प्रदेश', बालुका स्तूप के प्रकार, अरावली के दर्रे-नाल, तथा बेसिन-पठार के नाम सीधे पूछे जाते हैं। नीचे हर प्रदेश को शून्य से समझें, मानचित्र व तालिकाओं से दोहराएँ — एक भी जिला या नाम न छूटे।

1. चार भौतिक प्रदेश — आधार व विभाजन (पूरा खाका)

धरातल (Relief/भूआकृति) की दृष्टि से राजस्थान चार बड़े भौतिक प्रदेशों में बँटा है। इन सबको अरावली पर्वतमाला अलग करती है — यही राज्य की 'रीढ़' (Backbone) है, जो दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर तिरछी फैली है:

क्षेत्रफल का घटता क्रम याद रखें — थार (पश्चिमी रेतीला) > पूर्वी मैदान > अरावली > हाड़ौती पठार। अरावली एक 'जल-विभाजक' (Water Divide) का काम करती है — इसके पश्चिम का जल अंतःप्रवाही/अरब सागर की ओर और पूर्व का जल बंगाल की खाड़ी (चंबल-यमुना) की ओर जाता है।

अरावली पर्वतमाला — राज्य को रेतीले पश्चिम व उपजाऊ पूर्व में बाँटने वाली रीढ़
अरावली पर्वतमाला — राज्य को रेतीले पश्चिम व उपजाऊ पूर्व में बाँटने वाली रीढ़
Bikamp Aravallis · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • चार प्रदेश — पश्चिमी रेतीला मैदान, अरावली, पूर्वी मैदान, दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार।
  • क्षेत्रफल घटता क्रम — थार (~61%) > पूर्वी मैदान (~23%) > अरावली (~9%) > हाड़ौती पठार (~7%)।
  • अरावली = जल-विभाजक रेखा; राज्य को रेतीले पश्चिम व उपजाऊ पूर्व में बाँटती है।
  • सबसे बड़ा प्रदेश = थार; सबसे छोटा प्रदेश = हाड़ौती पठार।

2. पश्चिमी रेतीला मैदान (थार मरुस्थल) — सबसे बड़ा प्रदेश

अरावली के पश्चिम-उत्तर में फैला पश्चिमी रेतीला मैदान ही 'थार मरुस्थल' (Great Indian Desert / मरुस्थल) कहलाता है। यह राज्य का सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश है (~61% क्षेत्रफल) और इसमें जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, नागौर, गंगानगर, हनुमानगढ़ आदि जिले आते हैं। 25 सेमी समवर्षा रेखा इसे आर्द्र व शुष्क भाग में बाँटती है:

थार में भू-गर्भीय रूप से प्राचीन 'टेथिस सागर' के अवशेष (जैसलमेर के समुद्री जीवाश्म, आकल वुड फॉसिल पार्क) मिलते हैं — अर्थात् यह क्षेत्र कभी समुद्र के नीचे था। जलवायु शुष्क, तापमान का चरम अंतर, व आँधियाँ इसकी विशेषता हैं।

सम के बालुका स्तूप (जैसलमेर) — रेतीला थार मरुस्थल
सम के बालुका स्तूप (जैसलमेर) — रेतीला थार मरुस्थल
Pinakpani · CC BY 4.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • थार = सबसे बड़ा भौतिक प्रदेश (~61% क्षेत्रफल, ~40% जनसंख्या)।
  • 25 सेमी समवर्षा रेखा थार की पूर्वी सीमा; सबसे शुष्क जिला जैसलमेर।
  • रेतीला + कहीं-कहीं चट्टानी (Rocky) मरुस्थल; प्राचीन टेथिस सागर के अवशेष।
  • जैसलमेर — आकल काष्ठ जीवाश्म उद्यान (Wood Fossil Park) व समुद्री जीवाश्म।

3. थार के भू-आकार — बालुका स्तूप, प्लाया व मरुस्थलीय रूप

थार मरुस्थल में वायु (पवन) द्वारा निर्मित कई विशिष्ट भू-आकार मिलते हैं। इनमें सबसे प्रमुख हैं रेत के टीले यानी 'बालुका स्तूप' (Sand Dunes)। बालुका स्तूप कई प्रकार के होते हैं — परीक्षा में इनके नाम व आकृति पूछी जाती है:

इनके अतिरिक्त थार में 'प्लाया झीलें' (Playa — अस्थायी खारी झीलें, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'रन', 'टाट' या 'धन्द' कहते हैं) मिलती हैं, जैसे सांभर, पचपदरा, डीडवाना, लूणकरनसर। यहाँ 'नेत्रकूप' (खारे पानी के स्रोत) तथा रेगिस्तानी 'खड़ीन' (नमी रोकने वाली कृषि-विधि) भी पाई जाती है।

याद रखें
  • बालुका स्तूप के प्रकार — बरखान, अनुदैर्ध्य (सीफ), अनुप्रस्थ, पैराबोलिक, तारा।
  • बरखान (अर्द्धचन्द्राकार) = राजस्थान में सर्वाधिक; तारा स्तूप — मोहनगढ़ (जैसलमेर)।
  • प्लाया (अस्थायी खारी झील) = 'रन/टाट/धन्द'; सांभर, डीडवाना, पचपदरा, लूणकरनसर।
  • खड़ीन = मरुस्थल की पारंपरिक नमी-संचयन कृषि-विधि (जैसलमेर)।

4. अरावली पर्वतीय प्रदेश — गुरुशिखर व चोटियाँ

अरावली भारत की सबसे प्राचीन वलित (अवशिष्ट) पर्वतमाला है, जो गुजरात से दिल्ली तक फैली है — इसका सर्वाधिक विस्तार राजस्थान में है (कुल लंबाई ~692 किमी, जिसमें राजस्थान में ~550 किमी)। यह दक्षिण-पश्चिम (आबू) से उत्तर-पूर्व (खेतड़ी/दिल्ली) की ओर तिरछी फैली है। दक्षिणी अरावली ऊँची व सतत है, उत्तरी अरावली नीची व टूटी-फूटी:

अरावली 'धात्विक खनिजों का भंडार' (जस्ता, सीसा, ताँबा, संगमरमर, अभ्रक) है और मानसून के लिए समानांतर होने के कारण कम वर्षा कराती है। यह उत्तर-पश्चिम के रेगिस्तान को पूर्व की ओर बढ़ने से रोकने वाली प्राकृतिक दीवार भी है।

गुरुशिखर (1722 मी, माउंट आबू, सिरोही) — अरावली व राजस्थान की सर्वोच्च चोटी
गुरुशिखर (1722 मी, माउंट आबू, सिरोही) — अरावली व राजस्थान की सर्वोच्च चोटी
Tejaspatel1 · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • गुरुशिखर (1722 मी, माउंट आबू, सिरोही) = अरावली व राजस्थान की सर्वोच्च चोटी।
  • चोटी क्रम — गुरुशिखर > सेर (1597) > दिलवाड़ा (1442) > जरगा (1431) > अचलगढ़ (1380)।
  • अरावली = भारत की सबसे प्राचीन (अवशिष्ट वलित) पर्वतमाला; ~550 किमी राजस्थान में।
  • रघुनाथगढ़ (सीकर) = शेखावाटी की सबसे ऊँची चोटी; भोराट का पठार = सर्वोच्च पठारी भाग।

5. अरावली के दर्रे (नाल) व विभाजक रेखा

अरावली में जगह-जगह 'दर्रे' (Pass) हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'नाल' कहा जाता है — ये पहाड़ों के बीच आवागमन के प्राकृतिक रास्ते हैं और ऐतिहासिक रूप से सेनाओं व व्यापार के मार्ग रहे। प्रमुख दर्रे:

दर्रों (नालों) के नाम मिलान-प्रश्नों में आते हैं — विशेषकर देसूरी की नाल, हाथी गुड़ा की नाल व हल्दीघाटी। हल्दीघाटी ऐतिहासिक महत्त्व के कारण सर्वाधिक पूछा जाने वाला दर्रा है।

याद रखें
  • दर्रा = 'नाल'; प्रमुख — देसूरी, सोमेश्वर, हाथी गुड़ा, केवड़ा, फुलवारी, जीलवा की नाल।
  • हल्दीघाटी (राजसमंद) — पीली मिट्टी का दर्रा; 1576 का हल्दीघाटी युद्ध।
  • गोरम घाट, बर दर्रा (अजमेर-ब्यावर) भी महत्वपूर्ण मार्ग।
  • अरावली = राज्य की मुख्य जल-विभाजक रेखा।

6. पूर्वी मैदान — बनास, चंबल, बाणगंगा व माही बेसिन

अरावली के पूर्व में फैला 'पूर्वी मैदान' उपजाऊ जलोढ़ मैदान है — यहाँ राज्य की सर्वाधिक जनसंख्या व सघन कृषि है। यह कई नदी-बेसिनों (Basin) में बँटा है:

पूर्वी मैदान को सामान्यतः दो भागों में बाँटा जाता है — (अ) बनास-चंबल बेसिन (मध्य-पूर्वी) और (ब) माही बेसिन (दक्षिणी)। यह क्षेत्र काँप/जलोढ़ मिट्टी से बना सर्वाधिक उपजाऊ व घनी आबादी वाला भाग है।

याद रखें
  • पूर्वी मैदान — सर्वाधिक जनसंख्या व उपजाऊ जलोढ़ (काँप) मिट्टी।
  • मुख्य बेसिन — बनास, बाणगंगा, चंबल (बीहड़) व माही।
  • चंबल का बीहड़ (Ravines) = धौलपुर-करौली-सवाई माधोपुर; उत्खात/कृषि-अयोग्य भूमि।
  • माही बेसिन = वागड़ (बाँसवाड़ा-डूंगरपुर); 'छप्पन का मैदान' (56 नाले)।

7. दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार — मालवा/विंध्य का विस्तार

राज्य के दक्षिण-पूर्व में स्थित 'हाड़ौती का पठार' सबसे छोटा भौतिक प्रदेश है। यह कोटा, बूँदी, बारां व झालावाड़ (हाड़ौती संभाग) में फैला है और मध्य प्रदेश के मालवा पठार तथा दक्कन लावा (बेसाल्ट) का राजस्थान में विस्तार है — इसी से यहाँ काली/उपजाऊ मिट्टी मिलती है:

हाड़ौती पठार को मोटे तौर पर दो भागों में बाँटा जाता है — (अ) विंध्यन कगार भूमि (Scarpland) और (ब) दक्कन लावा का पठार। मुकुंदरा (दर्रा) की पहाड़ियाँ व मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (कोटा) इसी प्रदेश में आते हैं।

मुकुंदरा हिल्स (कोटा) में चंबल की घाटी — हाड़ौती पठार, दक्कन लावा का विस्तार
मुकुंदरा हिल्स (कोटा) में चंबल की घाटी — हाड़ौती पठार, दक्कन लावा का विस्तार
Vishalamu81 · CC BY 4.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • हाड़ौती पठार = सबसे छोटा भौतिक प्रदेश; कोटा-बूँदी-बारां-झालावाड़।
  • मालवा/दक्कन लावा (बेसाल्ट) का विस्तार — काली मिट्टी (Regur), कपास-सोयाबीन।
  • दो भाग — विंध्यन कगार भूमि (Scarpland) व दक्कन लावा पठार।
  • मुकुंदरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान (कोटा); झालावाड़ का संतरा प्रसिद्ध।

राजस्थान के चार भौतिक प्रदेश — स्थिति व विशेषता

पश्चिमी रेतीला मैदान (थार)अरावली पर्वतीय प्रदेशपूर्वी मैदानदक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठार
जैसलमेरबाड़मेरबीकानेरनागौर/शेखावाटीगुरुशिखर (माउंट आबू)जरगा (उदयपुर)हल्दीघाटी (राजसमंद)रघुनाथगढ़ (सीकर)तारागढ़ (अजमेर)जयपुरटोंक/बनास बेसिनसवाई माधोपुरधौलपुर (बीहड़)कोटा (हाड़ौती)झालावाड़बाँसवाड़ा (माही)
किसी रंगीन बिंदु पर टैप करें — विवरण यहाँ दिखेगा।

परीक्षा-उपयोगी तालिकाएँ

भौतिक प्रदेश → स्थिति व क्षेत्रफल

भौतिक प्रदेशस्थिति / लगभग क्षेत्रफल
पश्चिमी रेतीला मैदान (थार)अरावली के पश्चिम-उत्तर; ~61% (सबसे बड़ा)
अरावली पर्वतीय प्रदेशराज्य के मध्य, तिरछी पट्टी; ~9%
पूर्वी मैदानअरावली के पूर्व; ~23% (सर्वाधिक जनसंख्या)
दक्षिण-पूर्वी हाड़ौती पठारराज्य के दक्षिण-पूर्व; ~7% (सबसे छोटा)

भौतिक प्रदेश → मुख्य जिले

प्रदेशप्रमुख जिले
थार (पश्चिमी रेतीला)जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, चूरू, नागौर, गंगानगर, हनुमानगढ़
अरावलीसिरोही, उदयपुर, राजसमंद, अजमेर, सीकर, अलवर
पूर्वी मैदानजयपुर, टोंक, भरतपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, बाँसवाड़ा
हाड़ौती पठारकोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़

अरावली की प्रमुख चोटियाँ (ऊँचाई क्रम)

चोटीऊँचाई · जिला
गुरुशिखर1722 मी · सिरोही (सर्वोच्च)
सेर1597 मी · सिरोही
दिलवाड़ा1442 मी · सिरोही
जरगा1431 मी · उदयपुर
अचलगढ़1380 मी · सिरोही
रघुनाथगढ़1055 मी · सीकर (शेखावाटी सर्वोच्च)
तारागढ़~870 मी · अजमेर

बालुका स्तूप के प्रकार

प्रकारविशेषता / क्षेत्र
बरखानअर्द्धचन्द्राकार; राजस्थान में सर्वाधिक
अनुदैर्ध्य (सीफ)पवन के समानांतर लंबे टीले; जैसलमेर
अनुप्रस्थपवन के समकोण (आड़े) टीले
पैराबोलिकU-आकार; वनस्पति से बने उल्टे बरखान
तारा (Star)कई दिशाओं की पवन; मोहनगढ़ (जैसलमेर)

अरावली के प्रमुख दर्रे (नाल)

दर्रा/नालक्षेत्र / विशेषता
देसूरी की नालराजसमंद-पाली (दक्षिणी अरावली)
हाथी गुड़ा की नालउदयपुर-राजसमंद
सोमेश्वर की नालउदयपुर क्षेत्र
हल्दीघाटीराजसमंद; 1576 का युद्ध (पीली मिट्टी)
गोरम घाट / बर दर्राअजमेर-ब्यावर मार्ग

प्रदेश → मिट्टी व विशेषता

प्रदेशमिट्टी / पहचान
थार मरुस्थलबलुई/रेतीली; बालुका स्तूप, प्लाया झीलें
अरावलीपथरीली/लाल; धात्विक खनिज, संगमरमर
पूर्वी मैदानजलोढ़/काँप; उपजाऊ, बीहड़ (चंबल)
हाड़ौती पठारकाली (Regur/लावा); कपास-सोयाबीन

शब्दावली — अंग्रेज़ी पद का अर्थ

भौतिक प्रदेश (Physiographic Region)
धरातल की बनावट के आधार पर बँटा भू-भाग (राजस्थान में चार)।
थार मरुस्थल
अरावली के पश्चिम का विशाल रेतीला शुष्क क्षेत्र; राज्य का सबसे बड़ा प्रदेश।
बालुका स्तूप (Sand Dune)
पवन द्वारा बने रेत के टीले (बरखान, अनुदैर्ध्य आदि)।
बरखान
अर्द्धचन्द्राकार बालुका स्तूप; राजस्थान में सर्वाधिक पाया जाता है।
प्लाया (Playa)
मरुस्थल की अस्थायी खारी झील ('रन/टाट/धन्द') — सांभर, डीडवाना।
खड़ीन
मरुस्थल की पारंपरिक नमी-संचयन कृषि-विधि (जैसलमेर)।
अरावली
भारत की सबसे प्राचीन अवशिष्ट वलित पर्वतमाला; राज्य की जल-विभाजक रीढ़।
गुरुशिखर
अरावली व राजस्थान की सर्वोच्च चोटी (1722 मी, माउंट आबू, सिरोही)।
दर्रा / नाल
पर्वतों के बीच आवागमन का प्राकृतिक मार्ग (देसूरी की नाल, हल्दीघाटी)।
बेसिन (Basin)
किसी नदी व उसकी सहायकों का जल-ग्रहण/जलोढ़ क्षेत्र (बनास बेसिन)।
बीहड़ (Ravines)
नदी-अपरदन से बनी कटी-फटी उत्खात भूमि (चंबल के बीहड़)।
हाड़ौती पठार
दक्षिण-पूर्व का लावा/मालवा पठार; काली मिट्टी, सबसे छोटा प्रदेश।
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