हिमालय (शिवालिक-हिमाचल-हिमाद्रि) · प्रादेशिक विभाजन · प्रमुख चोटियाँ व दर्रे · प्रायद्वीपीय पर्वत (अरावली, घाट, सतपुड़ा, विंध्य) — संपूर्ण अध्याय
हिमालय — विश्व का सबसे ऊँचा व सबसे नया पर्वत-तंत्रHarshit SR · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons
शुरू करने से पहले
भारत की भू-आकृति को मुख्यतः दो पर्वत-तंत्रों से समझा जाता है — (1) नवीन वलित पर्वत 'हिमालय' (उत्तर में) और (2) प्राचीन अवशिष्ट/ब्लॉक पर्वत 'प्रायद्वीपीय पर्वत' (दक्षिण में — अरावली, विंध्य, सतपुड़ा, पश्चिमी व पूर्वी घाट)। हिमालय दुनिया का सबसे नया और सबसे ऊँचा पर्वत-तंत्र है, जो तीन समानांतर श्रेणियों — शिवालिक (बाहरी), हिमाचल (मध्य) और हिमाद्रि (महान/भीतरी) — में बँटा है। पश्चिम से पूर्व इसे कश्मीर, कुमाऊँ, नेपाल व असम हिमालय में बाँटते हैं। CET में यहाँ से चोटी↔ऊँचाई↔राज्य, दर्रा↔राज्य/स्थिति, श्रेणी↔क्रम, तथा 'सबसे ऊँचा/सबसे लंबा/सबसे प्राचीन' जैसे विशेष तथ्यों के मिलान व सीधे प्रश्न आते हैं। इस पृष्ठ में शून्य से शुरू करके हर उप-विषय को क्रम से समझें, फिर मानचित्र व तालिकाओं से दोहराकर पक्का करें — यही टॉपर बनने का तरीका है।
1. पर्वत क्या हैं — हिमालय बनाम प्रायद्वीपीय (आधार)
पर्वत (Mountain) धरातल का वह ऊँचा उठा हुआ भाग है जो आसपास के मैदान से बहुत ऊँचा होता है। भारत में दो प्रकार के पर्वत हैं — नवीन वलित (हिमालय) और प्राचीन अवशिष्ट/भ्रंशोत्थ (प्रायद्वीप):
हिमालय — नवीन वलित पर्वत (Fold Mountain) — टेथिस सागर के अवसादों के मुड़ने (भारतीय व यूरेशियन प्लेट की टक्कर) से बना; संसार का सबसे नया व सबसे ऊँचा पर्वत-तंत्र; अब भी ऊँचा उठ रहा है।
प्रायद्वीपीय — प्राचीन अवशिष्ट पर्वत (Relict/Block) — अरावली, विंध्य, सतपुड़ा, घाट — गोंडवाना भूमि के अति प्राचीन कठोर चट्टानी अवशेष; अपरदन से घिसकर नीचे रह गए।
स्थिति व विस्तार — हिमालय उत्तर में पश्चिम-पूर्व लगभग 2400-2500 कि.मी. चाप के रूप में फैला; प्रायद्वीपीय पर्वत मध्य व दक्षिण भारत में।
महत्व — हिमालय वर्षा (मानसून रोकता है), नदियों का उद्गम व उत्तर से ठंडी हवाओं को रोकने वाला 'प्रहरी' है।
सरल भाषा में — हिमालय 'नया, ऊँचा, हिमाच्छादित व वलित' है, जबकि अरावली-विंध्य-सतपुड़ा 'पुराने, घिसे हुए व अपेक्षाकृत नीचे' हैं। यही मूल अंतर पूरे अध्याय की रीढ़ है।
याद रखें
हिमालय = नवीन वलित पर्वत; संसार का सबसे ऊँचा व सबसे नया पर्वत-तंत्र।
प्रायद्वीपीय (अरावली, विंध्य, सतपुड़ा, घाट) = प्राचीन अवशिष्ट/भ्रंश पर्वत।
हिमालय की उत्पत्ति टेथिस सागर के अवसादों के वलन से (प्लेट टक्कर)।
2. हिमालय की तीन समानांतर श्रेणियाँ (शिवालिक-हिमाचल-हिमाद्रि)
हिमालय दक्षिण से उत्तर की ओर तीन लगभग समानांतर श्रेणियों में बँटा है — सबसे बाहरी (नीची) शिवालिक, मध्य की हिमाचल और सबसे भीतरी (ऊँची) हिमाद्रि। ऊँचाई दक्षिण से उत्तर बढ़ती जाती है:
शिवालिक (बाह्य/उप-हिमालय) — सबसे बाहरी व सबसे नीची श्रेणी; ऊँचाई ~600-1500 मीटर; नदी-निक्षेपों (कंकड़-बजरी) से बनी; इसके मध्य की समतल घाटियाँ 'दून' कहलाती हैं (देहरादून, पाटली दून, ऊधमपुर)।
हिमाचल / लघु हिमालय (मध्य हिमालय) — मध्य श्रेणी; ऊँचाई ~3700-4500 मीटर; पीरपंजाल, धौलाधार, महाभारत, नागटिब्बा श्रेणियाँ; प्रसिद्ध पर्यटन-स्थल — शिमला, मसूरी, नैनीताल, डलहौजी; घास के मैदान 'मर्ग' (गुलमर्ग, सोनमर्ग) व 'बुग्याल/पयार'।
हिमाद्रि / महान हिमालय (Greater Himalaya) — सबसे भीतरी, सबसे ऊँची व निरंतर श्रेणी; औसत ऊँचाई ~6000 मीटर; विश्व की सर्वोच्च चोटियाँ (माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा, नंदा देवी) इसी पर; सदैव हिमाच्छादित।
याद रखें — दक्षिण से उत्तर क्रम है: शिवालिक → हिमाचल → हिमाद्रि (नीचे से ऊँचे की ओर)। शिवालिक व हिमाचल के बीच की लंबी घाटियों को 'दून' (पश्चिम में) और 'द्वार' (पूर्व में, जैसे हरिद्वार) कहते हैं।
हिमाचल हिमालय की धौलाधार श्रेणी — मध्य हिमालयhttps://www.flickr.com/photos/dainismatisons/ · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
तीन श्रेणियाँ (दक्षिण→उत्तर) — शिवालिक (बाहरी/नीची), हिमाचल (मध्य), हिमाद्रि (भीतरी/सबसे ऊँची)।
शिवालिक की घाटियाँ = 'दून' (देहरादून, पाटली दून)।
हिमाद्रि पर ही एवरेस्ट, कंचनजंगा, नंदा देवी जैसी सर्वोच्च चोटियाँ हैं।
हिमाचल की श्रेणियाँ — पीरपंजाल, धौलाधार, महाभारत, नागटिब्बा।
3. हिमालय का प्रादेशिक विभाजन (कश्मीर-कुमाऊँ-नेपाल-असम)
नदियों के आधार पर हिमालय को पश्चिम से पूर्व चार प्रादेशिक खंडों में बाँटा जाता है। प्रत्येक खंड दो नदियों के बीच का भाग है:
कश्मीर / पंजाब हिमालय — सिंधु से सतलज नदी के बीच; इसमें कराकोरम, लद्दाख, जास्कर व पीरपंजाल श्रेणियाँ; K2 (गॉडविन ऑस्टिन) यहीं; कश्मीर घाटी व करेवा (झील-निक्षेप) इसी में।
कुमाऊँ हिमालय — सतलज से काली नदी के बीच (उत्तराखंड); प्रमुख चोटी नंदा देवी; गंगा-यमुना का उद्गम (गंगोत्री, यमुनोत्री); केदारनाथ, बद्रीनाथ इसी में।
नेपाल हिमालय — काली से तीस्ता नदी के बीच; यह सबसे ऊँचा खंड — माउंट एवरेस्ट, कंचनजंगा, मकालू, धौलागिरि, अन्नपूर्णा सभी इसी क्षेत्र में।
असम / पूर्वी हिमालय — तीस्ता से ब्रह्मपुत्र (दिहांग) तक; सिक्किम-अरुणाचल का भाग; भारी वर्षा व सघन वन; पूर्वी छोर पर पूर्वांचल/पटकाई की पहाड़ियाँ।
एक रेखा में याद रखें — पश्चिम से पूर्व: कश्मीर (सिंधु-सतलज) → कुमाऊँ (सतलज-काली) → नेपाल (काली-तीस्ता) → असम (तीस्ता-दिहांग)। नदियाँ ही इन खंडों की सीमा बनाती हैं।
याद रखें
पश्चिम→पूर्व चार खंड — कश्मीर, कुमाऊँ, नेपाल, असम हिमालय।
K2 → कश्मीर(कराकोरम); नंदा देवी → कुमाऊँ; एवरेस्ट-कंचनजंगा → नेपाल खंड।
गंगा-यमुना का उद्गम (गंगोत्री-यमुनोत्री) कुमाऊँ हिमालय में।
4. प्रमुख चोटियाँ (K2, कंचनजंगा, नंदा देवी)
हिमालय व कराकोरम की ऊँची चोटियाँ CET में ऊँचाई व राज्य/देश के साथ पूछी जाती हैं। ध्यान दें — भारत व विश्व की 'सबसे ऊँची' अलग-अलग हैं:
माउंट एवरेस्ट (सागरमाथा) — ऊँचाई 8848.86 मी.; विश्व की सबसे ऊँची चोटी; नेपाल-तिब्बत सीमा पर; नेपाली नाम 'सागरमाथा', तिब्बती 'चोमोलुंगमा'। (भारत में नहीं)
K2 (गॉडविन ऑस्टिन / माउंट गॉडविन) — ऊँचाई 8611 मी.; विश्व की दूसरी सबसे ऊँची; कराकोरम श्रेणी, पाक-अधिकृत कश्मीर (गिलगित-बाल्टिस्तान) में; भारतीय सीमा-क्षेत्र की सर्वोच्च मानी जाती है।
कंचनजंगा — ऊँचाई 8586 मी.; विश्व की तीसरी सबसे ऊँची; भारत (सिक्किम) की सबसे ऊँची चोटी; भारत-नेपाल सीमा पर।
नंदा देवी — ऊँचाई 7816 मी.; उत्तराखंड (कुमाऊँ हिमालय) में; भारत के भीतर पूर्णतः स्थित सबसे ऊँची चोटी; नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान (UNESCO) यहीं।
अन्य ऊँची चोटियाँ — मकालू (8485 मी.), धौलागिरि (8167), अन्नपूर्णा (8091) — सभी नेपाल में; नामचा बरवा हिमालय के पूर्वी छोर पर तिब्बत (चीन) में; कामेट (7756 मी.) उत्तराखंड (भारत) में।
तीन 'सबसे ऊँची' अलग पहचानें — विश्व की = एवरेस्ट; भारत की (राज्य सिक्किम) = कंचनजंगा; पूर्णतः भारत के भीतर = नंदा देवी। K2 पाक-अधिकृत कश्मीर में है, इसलिए 'पूर्णतः भारत में' नहीं गिनी जाती।
कंचनजंगा — भारत (सिक्किम) की सबसे ऊँची चोटीapazo · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons
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एवरेस्ट 8848.86 मी. = विश्व की सर्वोच्च (नेपाल-तिब्बत); 'सागरमाथा'।
K2 (गॉडविन ऑस्टिन) 8611 मी. = विश्व की दूसरी; कराकोरम (PoK)।
कंचनजंगा 8586 मी. = भारत (सिक्किम) की सबसे ऊँची; विश्व में तीसरी।
नंदा देवी 7816 मी. = पूर्णतः भारत में स्थित सबसे ऊँची (उत्तराखंड)।
5. प्रमुख दर्रे (जोजिला, नाथूला, शिपकी ला आदि)
दर्रा (Pass) पर्वत-श्रेणी का वह नीचा भाग है जहाँ से आर-पार रास्ता बनता है। इन्हें हिमालय में अक्सर 'ला' (La = दर्रा) कहते हैं। राज्यवार दर्रे याद करना ज़रूरी है:
जोजिला (जोजी ला) — जम्मू-कश्मीर/लद्दाख; श्रीनगर को कारगिल-लेह से जोड़ता है (NH-1); ज़ास्कर श्रेणी में।
नाथू ला व जेलेप ला — सिक्किम; भारत-चीन (तिब्बत) सीमा; प्राचीन रेशम मार्ग व कैलाश-मानसरोवर यात्रा मार्ग; नाथू ला से व्यापार होता है।
शिपकी ला — हिमाचल प्रदेश; सतलज नदी इसी से होकर भारत में प्रवेश करती है; भारत-चीन (तिब्बत) सीमा पर।
अन्य प्रमुख दर्रे — बनिहाल/जवाहर सुरंग (J&K), पीरपंजाल (J&K), बारालाचा ला, रोहतांग, शिंगो ला (हिमाचल), लिपुलेख, माना, नीति (उत्तराखंड — मानसरोवर मार्ग), बोमडी ला, से ला, दिफू (अरुणाचल), काराकोरम दर्रा (लद्दाख)।
तीन को विशेष पक्का करें — जोजिला (श्रीनगर-लेह, कश्मीर), नाथू ला (सिक्किम, भारत-चीन व्यापार) और शिपकी ला (हिमाचल, सतलज प्रवेश-द्वार)। 'ला' का अर्थ ही 'दर्रा' है।
याद रखें
जोजिला → J&K/लद्दाख (श्रीनगर–कारगिल–लेह मार्ग)।
नाथू ला व जेलेप ला → सिक्किम (भारत-चीन व्यापार/मानसरोवर मार्ग)।
शिपकी ला → हिमाचल; सतलज नदी इसी से भारत में प्रवेश करती।
लिपुलेख-माना-नीति → उत्तराखंड (मानसरोवर यात्रा मार्ग)।
6. प्रायद्वीपीय पर्वत — अरावली (गुरुशिखर)
अब हिमालय से हटकर दक्षिण भारत के प्राचीन पर्वतों की ओर। अरावली विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रेणियों में से एक है, जो उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली है:
विस्तार — गुजरात (पालनपुर) से राजस्थान होते हुए दिल्ली तक; कुल लंबाई ~692 कि.मी.; अधिकांश भाग राजस्थान में।
गुरुशिखर — सर्वोच्च — अरावली की सबसे ऊँची चोटी गुरुशिखर (1722 मी.), माउंट आबू (सिरोही, राजस्थान) में; दूसरी ऊँची 'सेर' (1597 मी.)।
प्रकृति व महत्व — सबसे प्राचीन व अति-अपरदित (घिसी हुई) श्रेणी; पश्चिमी मरुस्थल को आगे बढ़ने से रोकने वाली प्राकृतिक दीवार; बनास, लूणी, साबरमती जैसी नदियों का उद्गम-क्षेत्र।
दिल्ली में अंत — उत्तर में अरावली की पहाड़ियाँ दिल्ली (रायसीना/दिल्ली रिज) तक फैली हैं — यही इसका उत्तरी छोर।
विशेष — गुजरात व राजस्थान में अरावली ऊँची व सतत है, पर दिल्ली की ओर बढ़ने पर यह नीची व टूटी-फूटी (अवशिष्ट टीलों के रूप में) हो जाती है। अरावली भारत की एकमात्र ऐसी प्रमुख श्रेणी है जिसे 'सबसे प्राचीन वलित पर्वत' कहा जाता है।
गुरुशिखर (माउंट आबू) — अरावली की सर्वोच्च चोटीCorrectKnowledge · CC BY-SA 3.0 · Wikimedia Commons
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अरावली = विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रेणियों में से एक; लंबाई ~692 कि.मी.।
सर्वोच्च चोटी गुरुशिखर (1722 मी.), माउंट आबू (सिरोही, राजस्थान)।
दिशा — उत्तर-पूर्व (दिल्ली) से दक्षिण-पश्चिम (गुजरात); अधिकांश भाग राजस्थान में।
मरुस्थल के विस्तार को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार।
7. पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) व अनाईमुडी
पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) भारत के पश्चिमी तट के समानांतर, उत्तर में ताप्ती नदी से दक्षिण में कन्याकुमारी तक फैली सतत श्रेणी है। यह पूर्वी घाट से ऊँची व निरंतर है:
विस्तार व ऊँचाई — लंबाई ~1600 कि.मी. (गुजरात/महाराष्ट्र से तमिलनाडु तक); औसत ऊँचाई पूर्वी घाट से अधिक; गोदावरी, कृष्णा, कावेरी जैसी प्रमुख नदियों का उद्गम।
अनाईमुडी — दक्षिण भारत की सर्वोच्च — अनाईमुडी (2695 मी.), केरल; यह संपूर्ण दक्षिण भारत व पश्चिमी घाट की सबसे ऊँची चोटी; इलायची व अन्नामलाई पहाड़ियों के संगम (नीलगिरि के दक्षिण) पर।
प्रमुख दर्रे (गैप/पास) — थालघाट व भोरघाट (महाराष्ट्र — मुंबई-पुणे/नासिक मार्ग), पालघाट/पालक्काड गैप (केरल-तमिलनाडु को जोड़ता प्रमुख दर्रा), शेनकोट्टा गैप।
अन्य महत्व — UNESCO जैव-विविधता हॉटस्पॉट; नीलगिरि पहाड़ियाँ (दोदाबेट्टा चोटी), अन्नामलाई व इलायची पहाड़ियाँ इसी का भाग; भारी मानसूनी वर्षा।
ध्यान दें — पश्चिमी घाट सतत (अटूट) है जबकि पूर्वी घाट टूटा-फूटा। पालघाट (पालक्काड) दर्रा नीलगिरि व अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच का प्रमुख अंतराल है, जो केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है।
याद रखें
पश्चिमी घाट = सह्याद्रि; ताप्ती से कन्याकुमारी तक सतत श्रेणी (~1600 कि.मी.)।
अनाईमुडी (2695 मी., केरल) = दक्षिण भारत व पश्चिमी घाट की सबसे ऊँची चोटी।
प्रमुख दर्रे — थालघाट, भोरघाट (महाराष्ट्र), पालघाट गैप (केरल-तमिलनाडु)।
गोदावरी-कृष्णा-कावेरी का उद्गम; UNESCO जैव-विविधता हॉटस्पॉट।
8. पूर्वी घाट, सतपुड़ा व विंध्य
अब प्रायद्वीप के शेष तीन पर्वत — पूर्वी घाट (पूर्वी तट), तथा मध्य भारत की समानांतर विंध्य व सतपुड़ा श्रेणियाँ:
पूर्वी घाट — पूर्वी तट के समीप, ओडिशा से तमिलनाडु तक; टूटी-फूटी व असतत श्रेणी (नदियों ने काट दिया); सर्वोच्च चोटी 'अराम कोंडा/जिंदागड़ा' (आंध्र); इसमें महेंद्रगिरि, नल्लामलाई, शेषाचलम पहाड़ियाँ।
विंध्याचल (विंध्य) — मध्य प्रदेश में पूर्व-पश्चिम फैली; नर्मदा नदी के उत्तर में; उत्तर व दक्षिण भारत के बीच जल-विभाजक व ऐतिहासिक विभाजन-रेखा; चंबल, बेतवा, केन का उद्गम।
सतपुड़ा — नर्मदा व ताप्ती नदियों के बीच (विंध्य के दक्षिण में समानांतर); सर्वोच्च चोटी 'धूपगढ़' (1350 मी., पचमढ़ी, म.प्र.); इसमें महादेव व मैकाल पहाड़ियाँ।
नर्मदा-ताप्ती की भ्रंश घाटियाँ — नर्मदा विंध्य व सतपुड़ा के बीच की भ्रंश-घाटी (Rift Valley) में पश्चिम की ओर बहती; ताप्ती सतपुड़ा के दक्षिण में — दोनों अरब सागर में गिरती हैं।
क्रम याद रखें (उत्तर से दक्षिण) — विंध्य → नर्मदा (नदी) → सतपुड़ा → ताप्ती (नदी)। मैकाल श्रेणी (अमरकंटक) पर ही नर्मदा का उद्गम है, जो विंध्य व सतपुड़ा को जोड़ती है।
याद रखें
पूर्वी घाट = असतत/टूटा-फूटा; सर्वोच्च अराम कोंडा/जिंदागड़ा (आंध्र); महेंद्रगिरि-नल्लामलाई।
विंध्य = नर्मदा के उत्तर; उत्तर-दक्षिण भारत की विभाजक रेखा।
सतपुड़ा = नर्मदा व ताप्ती के बीच; सर्वोच्च धूपगढ़ (पचमढ़ी, म.प्र.)।
क्रम (उ→द) — विंध्य · नर्मदा · सतपुड़ा · ताप्ती।
भारत के प्रमुख पर्वत, चोटियाँ व दर्रे
हिमालय की चोटियाँप्रमुख दर्रेप्रायद्वीपीय पर्वत/चोटियाँमध्य भारत (विंध्य-सतपुड़ा)
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भारत के पर्वत — झलकियाँ
पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) — सतत हरित श्रेणीRohit Sharma · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons
परीक्षा-उपयोगी तालिकाएँ
हिमालय की तीन श्रेणियाँ (दक्षिण→उत्तर)
श्रेणी
ऊँचाई व विशेषता
शिवालिक (बाह्य)
~600-1500 मी.; सबसे नीची; घाटियाँ 'दून'
हिमाचल (मध्य/लघु)
~3700-4500 मी.; पीरपंजाल, धौलाधार; शिमला-मसूरी
हिमाद्रि (महान)
~6000 मी.; सबसे ऊँची; एवरेस्ट-कंचनजंगा यहीं
हिमालय का प्रादेशिक विभाजन (प → पू)
खंड
सीमा-नदियाँ
कश्मीर/पंजाब हिमालय
सिंधु — सतलज (K2, कराकोरम)
कुमाऊँ हिमालय
सतलज — काली (नंदा देवी)
नेपाल हिमालय
काली — तीस्ता (एवरेस्ट, कंचनजंगा)
असम/पूर्वी हिमालय
तीस्ता — दिहांग/ब्रह्मपुत्र
प्रमुख चोटियाँ → ऊँचाई व स्थिति
चोटी
ऊँचाई · स्थान
एवरेस्ट (सागरमाथा)
8848.86 मी. · नेपाल-तिब्बत (विश्व-1)
K2 (गॉडविन ऑस्टिन)
8611 मी. · कराकोरम/PoK (विश्व-2)
कंचनजंगा
8586 मी. · सिक्किम (भारत-1)
नंदा देवी
7816 मी. · उत्तराखंड (पूर्णतः भारत में सर्वोच्च)
अनाईमुडी
2695 मी. · केरल (दक्षिण भारत-1)
गुरुशिखर
1722 मी. · माउंट आबू, राजस्थान (अरावली-1)
प्रमुख दर्रे → राज्य
दर्रा
राज्य / विशेषता
जोजिला
J&K/लद्दाख (श्रीनगर-लेह मार्ग)
नाथू ला / जेलेप ला
सिक्किम (भारत-चीन व्यापार)
शिपकी ला
हिमाचल (सतलज प्रवेश-द्वार)
लिपुलेख / माना / नीति
उत्तराखंड (मानसरोवर मार्ग)
बोमडी ला / से ला
अरुणाचल प्रदेश
प्रायद्वीपीय पर्वत → सर्वोच्च चोटी
पर्वत श्रेणी
सर्वोच्च चोटी · स्थान
अरावली
गुरुशिखर (1722 मी.) · आबू, राजस्थान
पश्चिमी घाट (सह्याद्रि)
अनाईमुडी (2695 मी.) · केरल
पूर्वी घाट
अराम कोंडा/जिंदागड़ा · आंध्र प्रदेश
सतपुड़ा
धूपगढ़ (1350 मी.) · पचमढ़ी, म.प्र.
नीलगिरि (प. घाट)
दोदाबेट्टा (2637 मी.) · तमिलनाडु
नदियों के सापेक्ष मध्य भारत के पर्वत
क्रम (उत्तर→दक्षिण)
स्थिति
विंध्य
नर्मदा के उत्तर में
नर्मदा (नदी)
विंध्य व सतपुड़ा के बीच भ्रंश घाटी
सतपुड़ा
नर्मदा व ताप्ती के बीच
ताप्ती (नदी)
सतपुड़ा के दक्षिण में
शब्दावली — अंग्रेज़ी पद का अर्थ
वलित पर्वत (Fold Mountain)
पृथ्वी की परतों के दबाव से मुड़कर बना पर्वत (जैसे हिमालय, अरावली)।
अवशिष्ट/भ्रंश पर्वत (Relict/Block)
अति प्राचीन, अपरदन से घिसे या भ्रंश से उठे पर्वत (विंध्य, सतपुड़ा)।
दर्रा (Pass / 'ला')
पर्वत श्रेणी का नीचा भाग जहाँ से आर-पार रास्ता बनता है (जोजिला, नाथू ला)।
दून (Doon)
शिवालिक व हिमाचल हिमालय के बीच की समतल घाटी (देहरादून)।
टेथिस सागर
हिमालय बनने से पूर्व का प्राचीन सागर; इसी के अवसाद वलित हुए।
मर्ग / बुग्याल
हिमाचल हिमालय के घास के मैदान (गुलमर्ग, सोनमर्ग)।
करेवा
कश्मीर घाटी के झील-निक्षेप; केसर की खेती के लिए प्रसिद्ध।
भ्रंश घाटी (Rift Valley)
दो समानांतर भ्रंशों के बीच धँसी घाटी (नर्मदा घाटी)।
जल-विभाजक (Water Divide)
वह उच्च भूमि जो दो नदी-तंत्रों के जल को अलग दिशा में बाँटती है (विंध्य)।
जैव-विविधता हॉटस्पॉट
अत्यधिक प्रजाति-विविधता व संकटग्रस्त क्षेत्र (पश्चिमी घाट)।
सह्याद्रि
पश्चिमी घाट का दूसरा नाम (महाराष्ट्र-कर्नाटक क्षेत्र)।
पालघाट गैप
नीलगिरि व अन्नामलाई के बीच का दर्रा; केरल-तमिलनाडु को जोड़ता है।
वास्तविक RPSC CET प्रश्न · सामग्री हस्तलिखित व सत्यापित