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भारत के पर्वत

हिमालय (शिवालिक-हिमाचल-हिमाद्रि) · प्रादेशिक विभाजन · प्रमुख चोटियाँ व दर्रे · प्रायद्वीपीय पर्वत (अरावली, घाट, सतपुड़ा, विंध्य) — संपूर्ण अध्याय
हिमालय — विश्व का सबसे ऊँचा व सबसे नया पर्वत-तंत्र
हिमालय — विश्व का सबसे ऊँचा व सबसे नया पर्वत-तंत्र
Harshit SR · CC BY-SA 4.0 · Wikimedia Commons

शुरू करने से पहले

भारत की भू-आकृति को मुख्यतः दो पर्वत-तंत्रों से समझा जाता है — (1) नवीन वलित पर्वत 'हिमालय' (उत्तर में) और (2) प्राचीन अवशिष्ट/ब्लॉक पर्वत 'प्रायद्वीपीय पर्वत' (दक्षिण में — अरावली, विंध्य, सतपुड़ा, पश्चिमी व पूर्वी घाट)। हिमालय दुनिया का सबसे नया और सबसे ऊँचा पर्वत-तंत्र है, जो तीन समानांतर श्रेणियों — शिवालिक (बाहरी), हिमाचल (मध्य) और हिमाद्रि (महान/भीतरी) — में बँटा है। पश्चिम से पूर्व इसे कश्मीर, कुमाऊँ, नेपाल व असम हिमालय में बाँटते हैं। CET में यहाँ से चोटी↔ऊँचाई↔राज्य, दर्रा↔राज्य/स्थिति, श्रेणी↔क्रम, तथा 'सबसे ऊँचा/सबसे लंबा/सबसे प्राचीन' जैसे विशेष तथ्यों के मिलान व सीधे प्रश्न आते हैं। इस पृष्ठ में शून्य से शुरू करके हर उप-विषय को क्रम से समझें, फिर मानचित्र व तालिकाओं से दोहराकर पक्का करें — यही टॉपर बनने का तरीका है।

1. पर्वत क्या हैं — हिमालय बनाम प्रायद्वीपीय (आधार)

पर्वत (Mountain) धरातल का वह ऊँचा उठा हुआ भाग है जो आसपास के मैदान से बहुत ऊँचा होता है। भारत में दो प्रकार के पर्वत हैं — नवीन वलित (हिमालय) और प्राचीन अवशिष्ट/भ्रंशोत्थ (प्रायद्वीप):

सरल भाषा में — हिमालय 'नया, ऊँचा, हिमाच्छादित व वलित' है, जबकि अरावली-विंध्य-सतपुड़ा 'पुराने, घिसे हुए व अपेक्षाकृत नीचे' हैं। यही मूल अंतर पूरे अध्याय की रीढ़ है।

याद रखें
  • हिमालय = नवीन वलित पर्वत; संसार का सबसे ऊँचा व सबसे नया पर्वत-तंत्र।
  • प्रायद्वीपीय (अरावली, विंध्य, सतपुड़ा, घाट) = प्राचीन अवशिष्ट/भ्रंश पर्वत।
  • हिमालय की उत्पत्ति टेथिस सागर के अवसादों के वलन से (प्लेट टक्कर)।

2. हिमालय की तीन समानांतर श्रेणियाँ (शिवालिक-हिमाचल-हिमाद्रि)

हिमालय दक्षिण से उत्तर की ओर तीन लगभग समानांतर श्रेणियों में बँटा है — सबसे बाहरी (नीची) शिवालिक, मध्य की हिमाचल और सबसे भीतरी (ऊँची) हिमाद्रि। ऊँचाई दक्षिण से उत्तर बढ़ती जाती है:

याद रखें — दक्षिण से उत्तर क्रम है: शिवालिक → हिमाचल → हिमाद्रि (नीचे से ऊँचे की ओर)। शिवालिक व हिमाचल के बीच की लंबी घाटियों को 'दून' (पश्चिम में) और 'द्वार' (पूर्व में, जैसे हरिद्वार) कहते हैं।

हिमाचल हिमालय की धौलाधार श्रेणी — मध्य हिमालय
हिमाचल हिमालय की धौलाधार श्रेणी — मध्य हिमालय
https://www.flickr.com/photos/dainismatisons/ · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • तीन श्रेणियाँ (दक्षिण→उत्तर) — शिवालिक (बाहरी/नीची), हिमाचल (मध्य), हिमाद्रि (भीतरी/सबसे ऊँची)।
  • शिवालिक की घाटियाँ = 'दून' (देहरादून, पाटली दून)।
  • हिमाद्रि पर ही एवरेस्ट, कंचनजंगा, नंदा देवी जैसी सर्वोच्च चोटियाँ हैं।
  • हिमाचल की श्रेणियाँ — पीरपंजाल, धौलाधार, महाभारत, नागटिब्बा।

3. हिमालय का प्रादेशिक विभाजन (कश्मीर-कुमाऊँ-नेपाल-असम)

नदियों के आधार पर हिमालय को पश्चिम से पूर्व चार प्रादेशिक खंडों में बाँटा जाता है। प्रत्येक खंड दो नदियों के बीच का भाग है:

एक रेखा में याद रखें — पश्चिम से पूर्व: कश्मीर (सिंधु-सतलज) → कुमाऊँ (सतलज-काली) → नेपाल (काली-तीस्ता) → असम (तीस्ता-दिहांग)। नदियाँ ही इन खंडों की सीमा बनाती हैं।

याद रखें
  • पश्चिम→पूर्व चार खंड — कश्मीर, कुमाऊँ, नेपाल, असम हिमालय।
  • सीमा-नदियाँ — सिंधु | सतलज | काली | तीस्ता | दिहांग(ब्रह्मपुत्र)।
  • K2 → कश्मीर(कराकोरम); नंदा देवी → कुमाऊँ; एवरेस्ट-कंचनजंगा → नेपाल खंड।
  • गंगा-यमुना का उद्गम (गंगोत्री-यमुनोत्री) कुमाऊँ हिमालय में।

4. प्रमुख चोटियाँ (K2, कंचनजंगा, नंदा देवी)

हिमालय व कराकोरम की ऊँची चोटियाँ CET में ऊँचाई व राज्य/देश के साथ पूछी जाती हैं। ध्यान दें — भारत व विश्व की 'सबसे ऊँची' अलग-अलग हैं:

तीन 'सबसे ऊँची' अलग पहचानें — विश्व की = एवरेस्ट; भारत की (राज्य सिक्किम) = कंचनजंगा; पूर्णतः भारत के भीतर = नंदा देवी। K2 पाक-अधिकृत कश्मीर में है, इसलिए 'पूर्णतः भारत में' नहीं गिनी जाती।

कंचनजंगा — भारत (सिक्किम) की सबसे ऊँची चोटी
कंचनजंगा — भारत (सिक्किम) की सबसे ऊँची चोटी
apazo · CC BY 2.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • एवरेस्ट 8848.86 मी. = विश्व की सर्वोच्च (नेपाल-तिब्बत); 'सागरमाथा'।
  • K2 (गॉडविन ऑस्टिन) 8611 मी. = विश्व की दूसरी; कराकोरम (PoK)।
  • कंचनजंगा 8586 मी. = भारत (सिक्किम) की सबसे ऊँची; विश्व में तीसरी।
  • नंदा देवी 7816 मी. = पूर्णतः भारत में स्थित सबसे ऊँची (उत्तराखंड)।

5. प्रमुख दर्रे (जोजिला, नाथूला, शिपकी ला आदि)

दर्रा (Pass) पर्वत-श्रेणी का वह नीचा भाग है जहाँ से आर-पार रास्ता बनता है। इन्हें हिमालय में अक्सर 'ला' (La = दर्रा) कहते हैं। राज्यवार दर्रे याद करना ज़रूरी है:

तीन को विशेष पक्का करें — जोजिला (श्रीनगर-लेह, कश्मीर), नाथू ला (सिक्किम, भारत-चीन व्यापार) और शिपकी ला (हिमाचल, सतलज प्रवेश-द्वार)। 'ला' का अर्थ ही 'दर्रा' है।

याद रखें
  • जोजिला → J&K/लद्दाख (श्रीनगर–कारगिल–लेह मार्ग)।
  • नाथू ला व जेलेप ला → सिक्किम (भारत-चीन व्यापार/मानसरोवर मार्ग)।
  • शिपकी ला → हिमाचल; सतलज नदी इसी से भारत में प्रवेश करती।
  • लिपुलेख-माना-नीति → उत्तराखंड (मानसरोवर यात्रा मार्ग)।

6. प्रायद्वीपीय पर्वत — अरावली (गुरुशिखर)

अब हिमालय से हटकर दक्षिण भारत के प्राचीन पर्वतों की ओर। अरावली विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रेणियों में से एक है, जो उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में फैली है:

विशेष — गुजरात व राजस्थान में अरावली ऊँची व सतत है, पर दिल्ली की ओर बढ़ने पर यह नीची व टूटी-फूटी (अवशिष्ट टीलों के रूप में) हो जाती है। अरावली भारत की एकमात्र ऐसी प्रमुख श्रेणी है जिसे 'सबसे प्राचीन वलित पर्वत' कहा जाता है।

गुरुशिखर (माउंट आबू) — अरावली की सर्वोच्च चोटी
गुरुशिखर (माउंट आबू) — अरावली की सर्वोच्च चोटी
CorrectKnowledge · CC BY-SA 3.0 · Wikimedia Commons
याद रखें
  • अरावली = विश्व की सबसे प्राचीन वलित पर्वत श्रेणियों में से एक; लंबाई ~692 कि.मी.।
  • सर्वोच्च चोटी गुरुशिखर (1722 मी.), माउंट आबू (सिरोही, राजस्थान)।
  • दिशा — उत्तर-पूर्व (दिल्ली) से दक्षिण-पश्चिम (गुजरात); अधिकांश भाग राजस्थान में।
  • मरुस्थल के विस्तार को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार।

7. पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) व अनाईमुडी

पश्चिमी घाट (सह्याद्रि) भारत के पश्चिमी तट के समानांतर, उत्तर में ताप्ती नदी से दक्षिण में कन्याकुमारी तक फैली सतत श्रेणी है। यह पूर्वी घाट से ऊँची व निरंतर है:

ध्यान दें — पश्चिमी घाट सतत (अटूट) है जबकि पूर्वी घाट टूटा-फूटा। पालघाट (पालक्काड) दर्रा नीलगिरि व अन्नामलाई पहाड़ियों के बीच का प्रमुख अंतराल है, जो केरल को तमिलनाडु से जोड़ता है।

याद रखें
  • पश्चिमी घाट = सह्याद्रि; ताप्ती से कन्याकुमारी तक सतत श्रेणी (~1600 कि.मी.)।
  • अनाईमुडी (2695 मी., केरल) = दक्षिण भारत व पश्चिमी घाट की सबसे ऊँची चोटी।
  • प्रमुख दर्रे — थालघाट, भोरघाट (महाराष्ट्र), पालघाट गैप (केरल-तमिलनाडु)।
  • गोदावरी-कृष्णा-कावेरी का उद्गम; UNESCO जैव-विविधता हॉटस्पॉट।

8. पूर्वी घाट, सतपुड़ा व विंध्य

अब प्रायद्वीप के शेष तीन पर्वत — पूर्वी घाट (पूर्वी तट), तथा मध्य भारत की समानांतर विंध्य व सतपुड़ा श्रेणियाँ:

क्रम याद रखें (उत्तर से दक्षिण) — विंध्य → नर्मदा (नदी) → सतपुड़ा → ताप्ती (नदी)। मैकाल श्रेणी (अमरकंटक) पर ही नर्मदा का उद्गम है, जो विंध्य व सतपुड़ा को जोड़ती है।

याद रखें
  • पूर्वी घाट = असतत/टूटा-फूटा; सर्वोच्च अराम कोंडा/जिंदागड़ा (आंध्र); महेंद्रगिरि-नल्लामलाई।
  • विंध्य = नर्मदा के उत्तर; उत्तर-दक्षिण भारत की विभाजक रेखा।
  • सतपुड़ा = नर्मदा व ताप्ती के बीच; सर्वोच्च धूपगढ़ (पचमढ़ी, म.प्र.)।
  • क्रम (उ→द) — विंध्य · नर्मदा · सतपुड़ा · ताप्ती।

भारत के प्रमुख पर्वत, चोटियाँ व दर्रे

हिमालय की चोटियाँप्रमुख दर्रेप्रायद्वीपीय पर्वत/चोटियाँमध्य भारत (विंध्य-सतपुड़ा)
K2 (गॉडविन ऑस्टिन)माउंट एवरेस्टकंचनजंगानंदा देवीजोजिला दर्रानाथू लाशिपकी लागुरुशिखरअनाईमुडीदोदाबेट्टा (नीलगिरि)पश्चिमी घाट (सह्याद्रि)पूर्वी घाटविंध्याचलसतपुड़ा (धूपगढ़)
किसी रंगीन बिंदु पर टैप करें — विवरण यहाँ दिखेगा।

भारत के पर्वत — झलकियाँ

परीक्षा-उपयोगी तालिकाएँ

हिमालय की तीन श्रेणियाँ (दक्षिण→उत्तर)

श्रेणीऊँचाई व विशेषता
शिवालिक (बाह्य)~600-1500 मी.; सबसे नीची; घाटियाँ 'दून'
हिमाचल (मध्य/लघु)~3700-4500 मी.; पीरपंजाल, धौलाधार; शिमला-मसूरी
हिमाद्रि (महान)~6000 मी.; सबसे ऊँची; एवरेस्ट-कंचनजंगा यहीं

हिमालय का प्रादेशिक विभाजन (प → पू)

खंडसीमा-नदियाँ
कश्मीर/पंजाब हिमालयसिंधु — सतलज (K2, कराकोरम)
कुमाऊँ हिमालयसतलज — काली (नंदा देवी)
नेपाल हिमालयकाली — तीस्ता (एवरेस्ट, कंचनजंगा)
असम/पूर्वी हिमालयतीस्ता — दिहांग/ब्रह्मपुत्र

प्रमुख चोटियाँ → ऊँचाई व स्थिति

चोटीऊँचाई · स्थान
एवरेस्ट (सागरमाथा)8848.86 मी. · नेपाल-तिब्बत (विश्व-1)
K2 (गॉडविन ऑस्टिन)8611 मी. · कराकोरम/PoK (विश्व-2)
कंचनजंगा8586 मी. · सिक्किम (भारत-1)
नंदा देवी7816 मी. · उत्तराखंड (पूर्णतः भारत में सर्वोच्च)
अनाईमुडी2695 मी. · केरल (दक्षिण भारत-1)
गुरुशिखर1722 मी. · माउंट आबू, राजस्थान (अरावली-1)

प्रमुख दर्रे → राज्य

दर्राराज्य / विशेषता
जोजिलाJ&K/लद्दाख (श्रीनगर-लेह मार्ग)
नाथू ला / जेलेप लासिक्किम (भारत-चीन व्यापार)
शिपकी लाहिमाचल (सतलज प्रवेश-द्वार)
लिपुलेख / माना / नीतिउत्तराखंड (मानसरोवर मार्ग)
बोमडी ला / से लाअरुणाचल प्रदेश

प्रायद्वीपीय पर्वत → सर्वोच्च चोटी

पर्वत श्रेणीसर्वोच्च चोटी · स्थान
अरावलीगुरुशिखर (1722 मी.) · आबू, राजस्थान
पश्चिमी घाट (सह्याद्रि)अनाईमुडी (2695 मी.) · केरल
पूर्वी घाटअराम कोंडा/जिंदागड़ा · आंध्र प्रदेश
सतपुड़ाधूपगढ़ (1350 मी.) · पचमढ़ी, म.प्र.
नीलगिरि (प. घाट)दोदाबेट्टा (2637 मी.) · तमिलनाडु

नदियों के सापेक्ष मध्य भारत के पर्वत

क्रम (उत्तर→दक्षिण)स्थिति
विंध्यनर्मदा के उत्तर में
नर्मदा (नदी)विंध्य व सतपुड़ा के बीच भ्रंश घाटी
सतपुड़ानर्मदा व ताप्ती के बीच
ताप्ती (नदी)सतपुड़ा के दक्षिण में

शब्दावली — अंग्रेज़ी पद का अर्थ

वलित पर्वत (Fold Mountain)
पृथ्वी की परतों के दबाव से मुड़कर बना पर्वत (जैसे हिमालय, अरावली)।
अवशिष्ट/भ्रंश पर्वत (Relict/Block)
अति प्राचीन, अपरदन से घिसे या भ्रंश से उठे पर्वत (विंध्य, सतपुड़ा)।
दर्रा (Pass / 'ला')
पर्वत श्रेणी का नीचा भाग जहाँ से आर-पार रास्ता बनता है (जोजिला, नाथू ला)।
दून (Doon)
शिवालिक व हिमाचल हिमालय के बीच की समतल घाटी (देहरादून)।
टेथिस सागर
हिमालय बनने से पूर्व का प्राचीन सागर; इसी के अवसाद वलित हुए।
मर्ग / बुग्याल
हिमाचल हिमालय के घास के मैदान (गुलमर्ग, सोनमर्ग)।
करेवा
कश्मीर घाटी के झील-निक्षेप; केसर की खेती के लिए प्रसिद्ध।
भ्रंश घाटी (Rift Valley)
दो समानांतर भ्रंशों के बीच धँसी घाटी (नर्मदा घाटी)।
जल-विभाजक (Water Divide)
वह उच्च भूमि जो दो नदी-तंत्रों के जल को अलग दिशा में बाँटती है (विंध्य)।
जैव-विविधता हॉटस्पॉट
अत्यधिक प्रजाति-विविधता व संकटग्रस्त क्षेत्र (पश्चिमी घाट)।
सह्याद्रि
पश्चिमी घाट का दूसरा नाम (महाराष्ट्र-कर्नाटक क्षेत्र)।
पालघाट गैप
नीलगिरि व अन्नामलाई के बीच का दर्रा; केरल-तमिलनाडु को जोड़ता है।
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