विशेषताएँ व अनुप्रयोग · पीढ़ियाँ (1st-5th) · प्रकार व संगठन (CPU-ALU/CU, मदरबोर्ड) · इनपुट/आउटपुट · हार्डवेयर vs सॉफ्टवेयर · बूटिंग · संख्या पद्धति (बाइनरी) — संपूर्ण अध्याय
आधुनिक डेस्कटॉप कंप्यूटर — मॉनिटर, कीबोर्ड व माउस (इनपुट-आउटपुट युक्तियाँ)Patryk Sobczak · CC0 · Wikimedia Commons
शुरू करने से पहले
कंप्यूटर आज हर परीक्षा, कार्यालय व जीवन का अंग है, इसलिए राजस्थान CET में 'कंप्यूटर' खंड से सबसे पहले 'मूल बातें' पूछी जाती हैं। यह अध्याय शून्य से शुरू होता है — कंप्यूटर क्या है, इसकी विशेषताएँ (गति, शुद्धता, स्मृति), इसके अनुप्रयोग, पाँच पीढ़ियाँ (वाल्व → ट्रांजिस्टर → IC → माइक्रोप्रोसेसर → AI), कंप्यूटर के प्रकार (एनालॉग-डिजिटल-हाइब्रिड तथा माइक्रो-मिनी-मेनफ्रेम-सुपर), आंतरिक संगठन (CPU में ALU व CU, मेमोरी, मदरबोर्ड), इनपुट व आउटपुट युक्तियाँ, हार्डवेयर बनाम सॉफ्टवेयर का अंतर, बूटिंग प्रक्रिया, और अंत में संख्या पद्धति (विशेषकर बाइनरी)। CET में यहाँ से 'कंप्यूटर का जनक कौन', 'किस पीढ़ी में क्या तकनीक', 'पूर्ण रूप (Full Form)', 'इनपुट या आउटपुट', '1 बाइट = कितने बिट', 'बाइनरी को दशमलव में बदलना' जैसे सीधे तथ्यात्मक व मिलान-प्रश्न आते हैं। हर पाठ में पहले अवधारणा समझें, फिर 'याद रखें' तथ्य याद कर लें, और तालिकाओं से दोहराएँ — यही 10/10 तैयारी है।
1. कंप्यूटर क्या है — विशेषताएँ व अनुप्रयोग
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक युक्ति है जो उपयोगकर्ता से आँकड़े (Data) ग्रहण कर, उन्हें निर्देशों (Program) के अनुसार संसाधित (Process) कर, सार्थक सूचना (Information) के रूप में परिणाम देती है। 'Computer' शब्द लैटिन शब्द 'Computare' से बना है जिसका अर्थ है 'गणना करना'। कंप्यूटर का मूल कार्य चक्र है — इनपुट → प्रोसेसिंग → आउटपुट (तथा साथ में संग्रहण/Storage)। अंग्रेज़ गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज (Charles Babbage) ने 'एनालिटिकल इंजन' की संकल्पना दी, इसी कारण उन्हें 'कंप्यूटर का जनक' (Father of Computer) कहा जाता है।
गति (Speed) — कंप्यूटर सेकंड के अरबवें-खरबवें भाग में गणना करता है; इसकी गति माइक्रोसेकंड, नैनोसेकंड व पिकोसेकंड में मापी जाती है।
शुद्धता (Accuracy) — कंप्यूटर लगभग शत-प्रतिशत सही परिणाम देता है; गलती प्रायः मानवीय (गलत डेटा/प्रोग्राम) होती है — इसे 'GIGO' (Garbage In, Garbage Out) कहते हैं।
विश्वसनीयता व परिश्रमशीलता — यह बिना थके, ऊबे या एकाग्रता खोए लगातार कार्य करता है (Diligence); एक ही प्रकार के लाखों कार्य समान शुद्धता से करता है।
बहुमुखी प्रतिभा (Versatility) — एक ही कंप्यूटर से गणना, लेखन, चित्रकारी, संगीत, इंटरनेट — सब संभव; यह बहु-उद्देशीय युक्ति है।
विशाल स्मृति व स्वचालन — अत्यधिक मात्रा में डेटा संग्रह व स्वतः (Automatic) निर्देशों का पालन; परंतु कंप्यूटर में स्वयं की बुद्धि (IQ) नहीं होती।
अनुप्रयोग (Applications) — कंप्यूटर का उपयोग शिक्षा (e-learning), बैंकिंग (ATM, ऑनलाइन लेनदेन), चिकित्सा (CT/MRI), रेलवे-हवाई आरक्षण, मौसम पूर्वानुमान, अंतरिक्ष व रक्षा, व्यवसाय, मनोरंजन तथा सरकारी सेवाओं (ई-गवर्नेंस, आधार) में होता है। इसकी प्रमुख सीमाएँ — इसमें स्वयं सोचने की शक्ति, भावना व निर्णय-बुद्धि नहीं होती; यह केवल दिए गए निर्देशों पर ही चलता है।
चार्ल्स बैबेज का विश्लेषणात्मक इंजन — 'कंप्यूटर का जनक'Daderot · CC0 · Wikimedia Commons
याद रखें
कंप्यूटर का जनक — चार्ल्स बैबेज (एनालिटिकल इंजन)।
'Computer' = लैटिन 'Computare' (गणना करना); मूल चक्र — इनपुट→प्रोसेसिंग→आउटपुट।
विशेषताएँ — गति, शुद्धता, विश्वसनीयता, बहुमुखता, विशाल स्मृति, स्वचालन।
GIGO — Garbage In, Garbage Out (गलत इनपुट = गलत आउटपुट); कंप्यूटर का अपना IQ नहीं।
2. कंप्यूटर की पीढ़ियाँ (Generations) — 1st से 5th
कंप्यूटर के विकास को उसमें प्रयुक्त मुख्य इलेक्ट्रॉनिक घटक (तकनीक) के आधार पर पाँच पीढ़ियों में बाँटा गया है। प्रत्येक नई पीढ़ी में आकार छोटा, गति अधिक, लागत कम और विश्वसनीयता बढ़ती गई। इन्हें क्रम से याद रखना CET का सबसे लोकप्रिय बिंदु है:
प्रथम पीढ़ी (1942–1955) — वैक्यूम ट्यूब (निर्वात नली) — मुख्य घटक — वैक्यूम ट्यूब (वाल्व)। आकार में विशाल, अत्यधिक ऊष्मा व बिजली खपत। भाषा — मशीनी भाषा (Machine Language)। उदाहरण — ENIAC, EDVAC, EDSAC, UNIVAC, IBM-701।
द्वितीय पीढ़ी (1955–1964) — ट्रांजिस्टर — वैक्यूम ट्यूब के स्थान पर ट्रांजिस्टर (आविष्कार 1947 — बार्डीन, ब्रेटन, शॉकले)। आकार छोटा, कम ऊष्मा। भाषा — असेम्बली व उच्चस्तरीय (COBOL, FORTRAN)। उदाहरण — IBM-1401, IBM-1620, CDC-1604।
तृतीय पीढ़ी (1964–1975) — IC (एकीकृत परिपथ) — इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) — एक चिप पर अनेक ट्रांजिस्टर (आविष्कारक जैक किल्बी)। और छोटा, तेज़ व सस्ता। भाषा — उच्चस्तरीय (PASCAL, BASIC)। उदाहरण — IBM-360, IBM-370, PDP-8।
चतुर्थ पीढ़ी (1975–1989) — माइक्रोप्रोसेसर (VLSI) — एक चिप पर पूरा CPU = माइक्रोप्रोसेसर (पहला — Intel 4004, 1971)। VLSI तकनीक; पर्सनल कंप्यूटर (PC) व GUI का युग। उदाहरण — IBM-PC, Apple-II, ALTAIR-8800।
पंचम पीढ़ी (1989–अब) — कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI/ULSI) — ULSI तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), समानांतर प्रोसेसिंग, रोबोटिक्स। भाषा — PROLOG, LISP। उदाहरण — आधुनिक सुपर कंप्यूटर, AI सिस्टम।
ध्यान दें — प्रथम तीन पीढ़ियों की पहचान घटक से होती है: वाल्व → ट्रांजिस्टर → IC। चौथी की पहचान 'माइक्रोप्रोसेसर/PC' और पाँचवीं की पहचान 'AI' है। ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में बेल लैब्स में हुआ, और पहला माइक्रोप्रोसेसर Intel 4004 (1971) था — ये दो तथ्य अलग से पूछे जाते हैं।
ENIAC — प्रथम पीढ़ी का वैक्यूम ट्यूब कंप्यूटरUS Army · Public domain · Wikimedia Commons
पहला माइक्रोप्रोसेसर — Intel 4004 (1971); पंचम पीढ़ी की पहचान — AI।
3. कंप्यूटर के प्रकार — कार्य व आकार के आधार पर
कंप्यूटर को मुख्यतः दो आधारों पर वर्गीकृत किया जाता है — (अ) कार्यप्रणाली/डेटा के आधार पर और (ब) आकार व क्षमता के आधार पर।
एनालॉग कंप्यूटर — लगातार बदलने वाली भौतिक राशियाँ (ताप, दाब, वोल्टेज, गति) मापता है; जैसे — थर्मामीटर, स्पीडोमीटर, गति मापक। परिशुद्धता कम।
डिजिटल कंप्यूटर — अंकों (0 व 1 / Discrete) पर कार्य करता है; अत्यधिक शुद्ध। हमारे अधिकांश कंप्यूटर इसी प्रकार के हैं (PC, लैपटॉप)।
हाइब्रिड कंप्यूटर — एनालॉग व डिजिटल दोनों के गुण; जैसे — अस्पताल का ICU मॉनिटर, पेट्रोल पंप मशीन। (एनालॉग से माप, डिजिटल में प्रदर्शन)।
माइक्रो व मिनी कंप्यूटर — माइक्रो — पर्सनल कंप्यूटर (PC, लैपटॉप, टैबलेट); सबसे आम। मिनी — मध्यम आकार, छोटी कंपनियों के लिए (मल्टी-यूज़र)।
मेनफ्रेम कंप्यूटर — बहुत बड़ा, एक साथ हज़ारों उपयोगकर्ता; बैंक, रेलवे, बीमा कंपनियों में प्रयुक्त। उदाहरण — IBM-Z सीरीज़।
सुपर कंप्यूटर — सबसे तेज़ व सबसे शक्तिशाली; मौसम पूर्वानुमान, अंतरिक्ष, परमाणु अनुसंधान में। भारत का पहला सुपर कंप्यूटर — परम 8000 (PARAM 8000, 1991, C-DAC, डॉ. विजय भटकर के नेतृत्व में)।
याद रखें — डिजिटल कंप्यूटर सबसे शुद्ध, और सुपर कंप्यूटर सबसे शक्तिशाली होता है। भारत का प्रथम स्वदेशी सुपर कंप्यूटर 'परम 8000' (PARAM) था और 'परम पद्म', 'प्रत्यूष', 'मिहिर', 'परम सिद्धि-AI' जैसे आधुनिक सुपर कंप्यूटर भी CET में पूछे जा सकते हैं।
याद रखें
कार्य के आधार पर — एनालॉग, डिजिटल, हाइब्रिड (तीन)।
आकार के आधार पर — माइक्रो < मिनी < मेनफ्रेम < सुपर (बढ़ते क्रम में)।
सबसे शक्तिशाली — सुपर कंप्यूटर; सबसे शुद्ध — डिजिटल।
भारत का प्रथम सुपर कंप्यूटर — परम 8000 (1991, C-DAC, डॉ. विजय भटकर)।
4. कंप्यूटर का संगठन — CPU (ALU व CU), मेमोरी, मदरबोर्ड
कंप्यूटर के आंतरिक ढाँचे को 'कंप्यूटर संगठन' कहते हैं। इसका हृदय व मस्तिष्क है — CPU (Central Processing Unit / केंद्रीय संसाधन इकाई)। पर्सनल कंप्यूटर में CPU एक छोटी चिप (माइक्रोप्रोसेसर) के रूप में होता है। CPU के तीन मुख्य भाग होते हैं:
ALU (अंकगणितीय-तर्क इकाई) — Arithmetic Logic Unit — जोड़, घटाव, गुणा, भाग जैसी गणनाएँ (Arithmetic) तथा तुलना/तर्क (Logic — बड़ा/छोटा, हाँ/नहीं) का कार्य यहीं होता है।
CU (नियंत्रण इकाई) — Control Unit — पूरे कंप्यूटर के समस्त भागों को निर्देश व नियंत्रित करती है; इनपुट-आउटपुट व मेमोरी के बीच डेटा-प्रवाह का संचालन करती है। इसे CPU का 'प्रबंधक' कहते हैं।
रजिस्टर व मेमोरी यूनिट (MU) — रजिस्टर — CPU की अति-तीव्र अस्थायी स्मृति। मेमोरी यूनिट डेटा व निर्देशों का संग्रह करती है (प्राथमिक व द्वितीयक)।
प्राथमिक मेमोरी — RAM व ROM — RAM (Random Access Memory) — अस्थायी/Volatile (बिजली जाने पर मिट जाती है), कार्यशील मेमोरी। ROM (Read Only Memory) — स्थायी/Non-Volatile, इसमें बूटिंग के निर्देश रहते हैं।
द्वितीयक मेमोरी (Storage) — स्थायी संग्रह — हार्ड डिस्क (HDD), SSD, पेन ड्राइव, CD/DVD, मेमोरी कार्ड। बिजली जाने पर भी डेटा सुरक्षित रहता है।
मदरबोर्ड (Mainboard) — कंप्यूटर का मुख्य परिपथ बोर्ड (PCB) जिस पर CPU, RAM, ROM (BIOS चिप), विस्तार स्लॉट व सभी पोर्ट जुड़े होते हैं; यह सबको आपस में जोड़ता है। इसे 'सिस्टम बोर्ड' भी कहते हैं।
संक्षेप में — CPU = ALU + CU + रजिस्टर। ALU 'गणना' करती है, CU 'नियंत्रण' करती है। RAM अस्थायी और ROM स्थायी होती है। मदरबोर्ड वह आधार है जिस पर ये सब लगते हैं। प्रोसेसर की गति 'क्लॉक स्पीड' (हर्ट्ज़/GHz) में और मेमोरी की क्षमता बाइट (KB, MB, GB) में मापी जाती है।
याद रखें
CPU = ALU (गणना/तर्क) + CU (नियंत्रण) + रजिस्टर; CPU = कंप्यूटर का मस्तिष्क।
ALU — अंकगणित व तर्क; CU — सभी भागों का नियंत्रण/संचालन।
RAM — अस्थायी (Volatile); ROM — स्थायी (Non-Volatile), बूटिंग निर्देश ROM में।
मदरबोर्ड — मुख्य परिपथ बोर्ड; CPU, RAM, पोर्ट सब इसी पर जुड़ते हैं।
5. इनपुट व आउटपुट युक्तियाँ (I/O Devices)
उपयोगकर्ता व कंप्यूटर के बीच संवाद इनपुट व आउटपुट युक्तियों से होता है। इनपुट युक्ति कंप्यूटर को डेटा/निर्देश 'देती' है, जबकि आउटपुट युक्ति कंप्यूटर से परिणाम 'लेकर' दिखाती है। इन्हें छाँटना (कौन इनपुट, कौन आउटपुट) CET का अति-लोकप्रिय प्रश्न है:
प्रमुख आउटपुट युक्तियाँ — मॉनिटर (VDU — सॉफ्ट कॉपी), प्रिंटर (हार्ड कॉपी), स्पीकर, प्रोजेक्टर, प्लॉटर (बड़े नक्शे/डिज़ाइन के लिए)।
दोनों (Input + Output) युक्तियाँ — टच स्क्रीन, मॉडेम, नेटवर्क कार्ड, हेडसेट, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर — ये इनपुट व आउटपुट दोनों का कार्य करती हैं।
हार्ड कॉपी बनाम सॉफ्ट कॉपी — प्रिंटर/प्लॉटर का आउटपुट कागज़ पर = 'हार्ड कॉपी'; मॉनिटर/स्पीकर का आउटपुट (दिखने/सुनने वाला, छूने योग्य नहीं) = 'सॉफ्ट कॉपी'।
प्रिंटर के प्रकार — इम्पैक्ट (डॉट मैट्रिक्स — रिबन से, आवाज़ करते हैं) तथा नॉन-इम्पैक्ट (इंकजेट, लेज़र — तेज़ व शांत)। DPI जितना अधिक, छपाई उतनी स्पष्ट।
महत्वपूर्ण भ्रम — कीबोर्ड व माउस इनपुट हैं; मॉनिटर व प्रिंटर आउटपुट हैं। टच स्क्रीन व मॉडेम दोनों (I/O) श्रेणी में आते हैं। MICR का प्रयोग बैंक चेक पढ़ने और OMR का प्रयोग परीक्षा की उत्तर-पुस्तिका (बबल शीट) जाँचने में होता है।
कंप्यूटर दो भागों से चलता है — हार्डवेयर (शरीर) और सॉफ्टवेयर (आत्मा)। हार्डवेयर वे भौतिक भाग हैं जिन्हें हम छू सकते हैं; सॉफ्टवेयर वे प्रोग्राम/निर्देश हैं जिन्हें हम छू नहीं सकते पर जो हार्डवेयर को चलाते हैं। बिना सॉफ्टवेयर के हार्डवेयर निष्क्रिय है।
हार्डवेयर (Hardware) — भौतिक, छूने योग्य भाग — CPU, मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, RAM, हार्ड डिस्क, मदरबोर्ड, प्रिंटर। 'कंप्यूटर का शरीर'।
सॉफ्टवेयर (Software) — प्रोग्राम/निर्देशों का समूह — छूने योग्य नहीं। 'कंप्यूटर की आत्मा'। दो मुख्य प्रकार — सिस्टम सॉफ्टवेयर व एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर।
सिस्टम सॉफ्टवेयर — हार्डवेयर को चलाने व प्रबंधन हेतु — ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows, Linux, Android, macOS, Ubuntu), डिवाइस ड्राइवर, यूटिलिटी। OS कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण सॉफ्टवेयर है।
एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर — विशिष्ट कार्य के लिए — MS Word, MS Excel, PowerPoint, फोटोशॉप, ब्राउज़र, गेम। उपयोगकर्ता का दैनिक कार्य इसी से होता है।
फर्मवेयर व उपयोगिता — फर्मवेयर — हार्डवेयर में स्थायी रूप से लिखा सॉफ्टवेयर (जैसे BIOS, ROM में)। यूटिलिटी — एंटीवायरस, डिस्क क्लीनर आदि सहायक प्रोग्राम।
सरल पहचान — जिसे छू सकें = हार्डवेयर, जिसे न छू सकें पर जो चलाए = सॉफ्टवेयर। ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) हार्डवेयर व उपयोगकर्ता के बीच 'पुल' का कार्य करता है — यह सिस्टम सॉफ्टवेयर है। MS Office, गेम, ब्राउज़र — एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर हैं।
याद रखें
हार्डवेयर = भौतिक/छूने योग्य (CPU, RAM, मॉनिटर); सॉफ्टवेयर = निर्देश/प्रोग्राम (छूने योग्य नहीं)।
सॉफ्टवेयर के दो प्रकार — सिस्टम (OS, ड्राइवर) व एप्लिकेशन (MS Office, गेम)।
OS — सबसे महत्वपूर्ण सिस्टम सॉफ्टवेयर; हार्डवेयर-उपयोगकर्ता के बीच पुल।
उदाहरण OS — Windows, Linux, Android, macOS, Ubuntu, DOS।
7. बूटिंग (Booting) — कंप्यूटर का चालू होना
जब हम कंप्यूटर का पावर बटन दबाते हैं और वह चालू होकर ऑपरेटिंग सिस्टम को मेमोरी में लोड कर उपयोग के लिए तैयार होता है, इस पूरी प्रक्रिया को 'बूटिंग' कहते हैं। 'बूट' शब्द 'Bootstrap' से आया है। चालू होते ही BIOS (ROM में स्थित) सबसे पहले हार्डवेयर की जाँच करता है, जिसे POST (Power On Self Test) कहते हैं।
BIOS व POST — BIOS (Basic Input Output System) — ROM/फर्मवेयर में स्थित प्रथम प्रोग्राम; यह POST (Power On Self Test) चलाकर RAM, कीबोर्ड आदि हार्डवेयर की जाँच करता है।
बूटस्ट्रैप लोडर — POST के बाद बूटस्ट्रैप लोडर ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) को द्वितीयक मेमोरी (हार्ड डिस्क) से उठाकर RAM में लोड करता है।
कोल्ड बूटिंग (Cold Boot) — बंद कंप्यूटर को पावर बटन से नया चालू करना (Power से शुरू)। इसे 'हार्ड बूट' भी कहते हैं।
वार्म बूटिंग (Warm Boot) — पहले से चल रहे कंप्यूटर को बिना बंद किए पुनः चालू करना (Restart) — जैसे Ctrl+Alt+Del या Restart बटन। इसे 'सॉफ्ट बूट' भी कहते हैं।
बूटिंग का क्रम — पावर ऑन → BIOS → POST (हार्डवेयर जाँच) → बूटस्ट्रैप लोडर → OS, RAM में लोड → कंप्यूटर उपयोग के लिए तैयार।
मुख्य अंतर — कोल्ड बूट = बंद से चालू (पावर बटन), वार्म बूट = चालू से पुनः चालू (Restart, Ctrl+Alt+Del)। OS हार्ड डिस्क (द्वितीयक मेमोरी) से RAM (प्राथमिक) में लोड होता है, इसी कारण ROM में बूटिंग के प्रारंभिक निर्देश रहते हैं।
याद रखें
बूटिंग = कंप्यूटर का चालू होकर OS लोड करना; 'बूट' = Bootstrap से।
क्रम — पावर ऑन › BIOS › POST › बूटस्ट्रैप लोडर › OS (RAM में)।
कोल्ड बूट = बंद से चालू (पावर बटन); वार्म बूट = Restart (Ctrl+Alt+Del)।
BIOS व बूटिंग निर्देश ROM (स्थायी मेमोरी) में रहते हैं; POST = हार्डवेयर जाँच।
8. संख्या पद्धति — विशेषकर बाइनरी (द्विआधारी)
कंप्यूटर केवल 0 और 1 की भाषा समझता है — इसी कारण इसकी मूल संख्या पद्धति 'बाइनरी (Binary / द्विआधारी)' है, जिसका आधार (Base) 2 है। प्रत्येक 0 या 1 को 'बिट' (Bit = Binary Digit) कहते हैं — यह कंप्यूटर की सबसे छोटी इकाई है। मुख्य संख्या पद्धतियाँ चार हैं:
बाइनरी (आधार 2) — केवल दो अंक — 0 व 1। कंप्यूटर की मूल भाषा। उदाहरण — 1011। यही 'मशीनी भाषा' का आधार है।
डेसीमल (आधार 10) — हमारी सामान्य गणना — अंक 0 से 9 तक (दस अंक)। मनुष्य इसी पद्धति में गिनती करता है।
ऑक्टल (आधार 8) व हेक्साडेसीमल (आधार 16) — ऑक्टल — अंक 0–7 (आठ); हेक्साडेसीमल — 0–9 तथा A,B,C,D,E,F (कुल 16; A=10 … F=15)। ये बाइनरी को संक्षेप में लिखने हेतु प्रयुक्त।
बाइनरी → डेसीमल रूपांतरण — प्रत्येक अंक को 2 की घात से गुणा करें (दाएँ से 2⁰,2¹,2²,...)। जैसे 1011 = 1×8 + 0×4 + 1×2 + 1×1 = 11 (दशमलव)। और 1010 = 8+0+2+0 = 10।
याद रखें — कंप्यूटर की सबसे छोटी इकाई 'बिट' और मूल भंडारण इकाई 'बाइट' (8 बिट) है। मानक ASCII 7-बिट कोड है (128 अक्षर) परंतु प्रत्येक अक्षर मेमोरी में 1 बाइट (8 बिट) में संचित होता है; विस्तारित (Extended) ASCII पूरे 8 बिट का होता है। बाइनरी का आधार 2 होने के कारण ही इसमें केवल 0 व 1 आते हैं — '2' अंक बाइनरी में नहीं हो सकता।
याद रखें
बाइनरी आधार = 2 (अंक 0,1); सबसे छोटी इकाई = बिट (Bit = Binary Digit)।
आधार — बाइनरी 2, ऑक्टल 8, डेसीमल 10, हेक्साडेसीमल 16।
उदाहरण — बाइनरी 1011 = दशमलव 11; मानक ASCII = 7 बिट, पर 1 अक्षर मेमोरी में 1 बाइट (8 बिट) घेरता है।
कंप्यूटर — झलकियाँ
मदरबोर्ड — CPU, RAM व पोर्ट जोड़ने वाला मुख्य परिपथ बोर्डKurt Kaiser · CC0 · Wikimedia Commonsमाइक्रोप्रोसेसर चिप — कंप्यूटर का प्रोसेसरThomy pc at German Wikipedia · Public domain · Wikimedia Commons
परीक्षा-उपयोगी तालिकाएँ
कंप्यूटर की पाँच पीढ़ियाँ — घटक व उदाहरण
पीढ़ी (काल)
मुख्य घटक · उदाहरण
प्रथम (1942–55)
वैक्यूम ट्यूब · ENIAC, UNIVAC, EDVAC
द्वितीय (1955–64)
ट्रांजिस्टर · IBM-1401, IBM-1620
तृतीय (1964–75)
IC (एकीकृत परिपथ) · IBM-360, PDP-8
चतुर्थ (1975–89)
माइक्रोप्रोसेसर/VLSI · IBM-PC, Apple-II
पंचम (1989–अब)
AI/ULSI · आधुनिक सुपर कंप्यूटर, AI सिस्टम
महत्वपूर्ण पूर्ण रूप (Full Forms)
संक्षेप
पूर्ण रूप
CPU
Central Processing Unit (केंद्रीय संसाधन इकाई)
ALU / CU
Arithmetic Logic Unit / Control Unit
RAM / ROM
Random Access Memory / Read Only Memory
BIOS / POST
Basic Input Output System / Power On Self Test
ALU बिट इकाई
Bit = Binary Digit; Byte = 8 Bits
VDU / GIGO
Visual Display Unit / Garbage In Garbage Out
इनपुट · आउटपुट · दोनों — छँटाई
श्रेणी
युक्तियाँ
इनपुट
कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, जॉयस्टिक, माइक, OMR, MICR
आउटपुट
मॉनिटर, प्रिंटर, स्पीकर, प्रोजेक्टर, प्लॉटर
दोनों (I/O)
टच स्क्रीन, मॉडेम, नेटवर्क कार्ड, हेडसेट
हार्ड कॉपी
प्रिंटर/प्लॉटर (कागज़ पर)
सॉफ्ट कॉपी
मॉनिटर/स्क्रीन/स्पीकर (दिखने-सुनने वाला)
मेमोरी इकाइयाँ — बढ़ते क्रम में
इकाई
मान
1 निबल
4 बिट
1 बाइट (Byte)
8 बिट
1 किलोबाइट (KB)
1024 बाइट
1 मेगाबाइट (MB)
1024 KB
1 गीगाबाइट (GB)
1024 MB
1 टेराबाइट (TB)
1024 GB
संख्या पद्धति — आधार व अंक
पद्धति
आधार · अंक
बाइनरी (द्विआधारी)
आधार 2 · 0,1
ऑक्टल (अष्टाधारी)
आधार 8 · 0–7
डेसीमल (दशमलव)
आधार 10 · 0–9
हेक्साडेसीमल
आधार 16 · 0–9, A–F
कंप्यूटर के 'सबसे/पहला' विशेष तथ्य
तथ्य
उत्तर
कंप्यूटर का जनक
चार्ल्स बैबेज
सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर
सुपर कंप्यूटर
भारत का प्रथम सुपर कंप्यूटर
परम 8000 (PARAM, 1991)
पहला माइक्रोप्रोसेसर
Intel 4004 (1971)
कंप्यूटर की सबसे छोटी इकाई
बिट (Bit)
कंप्यूटर का मस्तिष्क
CPU
शब्दावली — अंग्रेज़ी पद का अर्थ
हार्डवेयर (Hardware)
कंप्यूटर के भौतिक/छूने योग्य भाग — CPU, RAM, मॉनिटर, कीबोर्ड।
सॉफ्टवेयर (Software)
निर्देशों/प्रोग्रामों का समूह जो हार्डवेयर को चलाता है; छूने योग्य नहीं।
CPU
केंद्रीय संसाधन इकाई — कंप्यूटर का मस्तिष्क; ALU+CU+रजिस्टर।
ALU
अंकगणितीय-तर्क इकाई — गणना (जोड़/घटाव) व तर्क (तुलना) करती है।
CU (नियंत्रण इकाई)
कंप्यूटर के सभी भागों को निर्देश व नियंत्रित करने वाली इकाई।
RAM
अस्थायी (Volatile) कार्यशील मेमोरी; बिजली जाने पर डेटा मिट जाता है।
ROM
स्थायी (Non-Volatile) मेमोरी; बूटिंग/BIOS के निर्देश इसमें रहते हैं।
मदरबोर्ड
मुख्य परिपथ बोर्ड जिस पर CPU, RAM व सभी पोर्ट जुड़ते हैं।